2 Line Shayari #219, Muddat se khwab me

मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल,
हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है। 😢

दिल जलाओ या दिए आँखों के दरवाज़े पर,
वक़्त से पहले तो आते नहीं आने वाले। 😭 💔

बिखरे अरमान, भीगी पलकें और ये तन्हाई,
कहूँ कैसे कि मिला मोहब्बत में कुछ भी नहीं। 😔

मेरे इश्क से मिली है तेरे हुस्न को यह शौहरत,
तेरा जिकर ही कहां था मेरी दास्तां से पहलें।

खामोशी को चुना है अब बाकी के सफर के लिए,
अब अल्फाजो को जाया करना, हमे अच्छा नहीं लगता।

जख्म ही देना था तो पूरा जिस्म तेरे हवाले था,
लेकिन कम्बख़त ने जब भी वार किया दिल पर ही किया। 💔 😔

जिन्दगी की राहों में मुस्कराते रहो हमेशा,
उदास दिलों को हमदर्द तो मिलते हैं हमसफ़र नहीं। 😢

अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी,
गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सुकून से सोया करते थे। 😔

टूट कर बिखर जाते हैं वो लोग मिटटी की दीवारों की तरह
जो खुद से भी ज्यादा किसी और से प्यार करते हैं। 💔 😒

किसी को न पाने से ज़िंदगी खत्म नहीं हो जाती,
पर किसी को पाकर खो देने के बाद कुछ बाकी भी नहीं बचता। 😢

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