2 Line Shayari, Jhoot kahu to lafzo ka

झूठ कहूँ तो लफ़्ज़ों का दम घुटता है,
सच कहूँ तो लोग खफा हो जाते हैं।


उदासियों की वजह तो बहुत है जिंदगी में,
पर बेवजह खुश रहने का मजा ही कुछ और है।


कौन कहता है क़ि चाँद तारे तोड़ लाना ज़रूरी है,
दिल को छू जाए प्यार से दो लफ्ज़, वही काफ़ी है।


तुम्हें पा लेते तो किस्सा इसी जन्म में खत्म हो जाता,
तुम्हे खोया है तो, यकीनन कहानी लम्बी चलेगी।


वो मुझसे पूछती है दूर जाकर खुश तो हो ना,
आँखें पोंछकर कहता हूँ हाँ बहुत खुश हूँ मैं।


कोई मुक़दमा ही कर दो हमारे सनम पर,
कम से कम हर पेशी पर दीदार तो हो जायेगा।


सीतम तो ये है की पगली तु भी ना बन सकी अपनी,
जा कुबूल किया हमने तेरा ये गम भी ख़ुशी की तरह।


मुस्कुराना तो मेरी शख्सियत का एक हिस्सा है दोस्तों,
तुम मुझे खुश समझ कर दुआओ में भूल मत जाना।


दरख्तों से ताल्लुक का हुनर सीख ले इंसान,
जड़ों में ज़ख्म लगते हैं तो टहनियाँ सूख जाती हैं।


इक टूटी सी ज़िन्दगी को समेटने की चाहत थी,
न खबर थी उन टुकड़ों को ही बिखेरे बैठेंगे हम।

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