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Chehra Shayari

Yaad Shayari, Tera chehra, teri baten, teri yaaden

love shayari tera chehra teri baate

Tera chehra, teri baten, teri yaaden..
itani dault pahle kahan thi paas mere. 💖

तेरा चेहरा, तेरी बातें, तेरी यादें..
इतनी दौलत पहले कहाँ थी पास मेरे। 💖

Yaad Shayari, Kitne chehre hain

Kitne chehre hain is duniya me
Magar humko ek chehra hi nazar aata hai,
Duniya ko hum kya dekhe,
Uski yadon me saara waqt guazar jaata hai.

कितने चेहरे हैं इस दुनिया में,
मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है,
दुनिया को हम क्यों देखें,
उसकी याद में सारा वक़्त गुज़र जाता है।

Yaad Shayari, Aankhe bhi meri

Aankhe bhi meri palko se Sawal karti hai,
Har Waqt Aapko hi Yaad karti hai,
Jab tak dekhle na le chehra aapka,
Har ghadi aapka hi Intezar karti hai.

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक़्त आपको ही तो याद करती हैं,
जब तक देख न लें चेहरा आपका,
हर घडी आपका ही इंतज़ार करती हैं।

Yaad Shayari, Aankhen kholu to

Aankhen Kholu To Chehra Tumhara Ho,
Band Karoo To Sapna Tumhara Ho,
Mar Bhi Jaao To Gam Nahi,
Agar Kafan Ke Badle Aanchal Tumhara Ho.

आँखे खोलू तो चेहरा सामने तुम्हारा हो,
बंद करू तो सपना तुम्हारा हो,
मर जाऊ तो भी कोई गम नही,
अगर खफन के बदले आँचल तुम्हारा हो!

2 Line Shayari, Tera Chehra

तेरा चेहरा हैं जब से मेरी आँखों मैं,
लोग मेरी आँखों से जलते हैं..।

सायरी.. तो अपनी जान है
और इसे खुद से लिखना हमारी पहचान।।

ऐ मोहब्बत तुझे पाने की कोई राह नहीं,
शायद तू सिर्फ उसे ही मिलती है जिसे तेरी परवाह नही।

मुझे ही नहीं रहा शौक़-ए-मोहब्बत वरना
तेरे शहर की खिड़कियाँ इशारे अब भी करती हैं।

ख़त जो लिखा मैनें इंसानियत के पते पर!
डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते! ☺

जिन्दगी की हर तपिश को मुस्कुरा कर झेलिए..
धूप कितनी भी हो समंदर सूखा नही करते.!!

तेरी जरूरत.. तेरा इंतज़ार और ये कशमकश,
थक कर मुस्कुरा देते हैं.. हम जब रो नही पाते।

मेरे माँ-बाप की दुआएं भी है इसमें शामिल..
घर फ़क़त मेरी कमाई से नहीं चलता है!!

मेरे हमदम.. तुम्हे किस किस तरह छुपाऊँ में..
मेरी मुस्कान में भी.. नजर आने लगे हो.. अब तो तुम!! 💞

अब कहा जरुरत है हाथों मे पत्थर उठाने की,
तोडने वाले तो जुबान से ही दिल तोड देते हैं

Hindi Shayari, Meri yaadein mera chehra

मेरी यादें मेरा चेहरा मेरी बातें रुलायेंगी,
हिज़्र के दौर में गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,
दिनों को तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों मे,
जहाँ तन्हा मिलोगे तुम तुम्हे रातें रुलायेंगी|