Yu hi bewajah ek tasveer ret par

यूँ ही बेवजह एक तस्वीर रेत पर उकेरती हैं उँगलियाँ,
लिख कर तेरा नाम जमीं पर मिटा देती हैं उँगलियाँ,
है मालूम कि लहरों को नहीं रास ये आने वाला,
चंद लम्हों में..
जी भर के एहसास-ए-मोहब्बत जी लेती हैं उँगलियाँ। 📖✍

Yu hi bewajah ek tasveer ret par ukerti hain ungliyaan,
Likh kar tera naam jameen par mita deti hain ungliyaan,
Hai maloom ki lahron ko nahin raas ye aane waala,
Chand lamhon mein..
Jee bhar ke ehasaas-e-mohabbat jee leti hain ungliyaan. 📖✍

2 Line Shayari #228, Bewajah koi nahi rota ishq me yaaro

Sad shayari, bewajah koi nahi rota ishq me yaaro

Sad shayari on tears

बेवजह कोई नहीं रोता इश्क में यारों,
जिसे खुद से ज्यादा चाहो वही रुलाता जरूर है।

नब्ज़ क्या ख़ाक बोलेगी.. हुज़ूर
जो दिल पे गुज़री है वो दिल ही जानता है।

लगाके इश्क़ की बाजी सुना है दिल दे बैठे हो,
मुहब्बत मार डालेगी अभी तुम फूल जैसे हो।

तुम्हारे गुस्से की भी कम्बख्त आदत सी हो गयी है,
इश्क़ अधूरा सा लगता है जब तुम गुस्सा नहीं करते।

इश्क की बात न पूछो इश्क बदनाम करता है,
रुलाता है हंसाता है बस यही काम करता है। 💘

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Kya wajah hogi, ab phir yahan laut aane ki, Shayari

Kya wajah hogi, ab phir yahan laut aane ki, Shayari

Heart Touching Love Shayari for Missing someone

क्या वजह होगी, अब फिर यहां लौट आने की..
इन नुक्कड़ों पे रुकने की, इन गलियों के चक्कर लगाने की..
अब तो ना तू मेरी है, ना ही अब ये शहर मेरा..
ना इच्छा अब कुछ सुनने की और ना ही कुछ बताने की..!! 📕🍂🍃

Kya wajah hogi, ab phir yahan laut aane ki..
In nukkadon pe rukane ki, in galiyon ke chakkar lagane ki..
Ab to na too meree hai, na hi ab ye shahar mera..
Na ichchha ab kuchh sunane ki aur na hi kuchh bataane ki..!! 📕🍂🍃

Love Shayari, Bewajah itra uthe dil ka kona kona

बेवजह इतरा उठे दिल का कोना कोना मेरा,
कभी यूँ भी तो तुम मेरी तारीफ़ किया करो!! 💓

Bewajah itra uthe dil ka kona kona mera,
kabhi yun bhi to tum meri tareef kiya karo!! 💓

2 Line Shayari, Rone ki wajah na thi

रोने की वजह न थी हसने का बहाना न था
क्यो हो गए हम इतने बडे इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था!


किसी ने कहा था महोब्बत फूल जैसी है!!
कदम रुक गये आज जब फूलों को बाजार में बिकते देखा!


जो दिल को अच्छा लगता है उसी को दोस्त कहता हूँ,
मुनाफ़ा देखकर रिश्तों की सियासत नहीं करता ।।।


ना कर तू इतनी कोशिशे, मेरे दर्द को समझने की….
तू पहले इश्क़ कर, फिर चोट खा, फिर लिख दवा मेरे दर्द की….


जिस घाव से खून नहीं निकलता,
समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है.


तुम रख न सकोगे, मेरा तोहफा संभालकर,
वरना मैं अभी दे दूँ, जिस्म से रूह निकालकर…!


अपने वजूद पर इतना न इतरा … ए ज़िन्दगी.
वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है ।


वही हुआ न तेरा दिल, भर गया मुझसे…
कहा था न ये मोहब्बत नहीं हैं, जो तुम करती हो…!!


क्या कशिश थी उस की आँखों में.. मत पूछो.
मुझ से मेरा दिल लड़ पड़ा मुझे यही चाहिये…??


प्यार मोहब्बत चाहत इश्क़ जिन्दगी उल्फ़त ,
एक तेरे आने से कितना बदल गई किस्मत।

#Priya