Jane Us Shakhs Ko Kaisa Ye Hunar Aata Hai, Shayari

Jane Us Shakhs Ko Kaisa Ye Hunar Aata Hai, Shayari

Jane Us Shakhs Ko Kaisa Ye Hunar Aata Hai,
Raat Hoti Hai To Aakho Me Utar Aata Hai,
Main Us Ke Khayalo Se Bach Ke Kahan Jaaun,
Wo Meri Soch Ke Har Raste Pe Najar Aata Hai. 😢

जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है,
रात होती है तो आँखों में उतर आता है,
मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं,
वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है! 😢

Sad Shayari, Us Shakhs ko Mera Ehsaas to Hai

Us Shakhs ko Mera Ehsaas to Hai,
Bedard Hi Sahi Woh Mera Hamraaz to Hai,
Ayega Ek Din Mere Paas Wapas,
Jhoothi hi Sahi Ek Aas to Hai! 💔

उस शख्स को मेरा एहसास तो है,
बेदर्द ही सही वो मेरा हमराज़ तो है,
आएगा एक दिन मेरे पास वापस,
झूठी ही सही एक आस तो है! 💔

Hindi Poetry, Wo Shakhsh Kabi

वो शख़्स कभी जिस ने मेरा घर नहीं देखा,
उस शख़्स को मैं ने कभी घर पर नहीं देखा,

क्या देखोगे हाल-ए-दिल-बर्बाद के तुम ने,
कर्फ़्यू में मेरे शहर का मंज़र नहीं देखा,

जाँ देने को पहुँचे थे सभी तेरी गली में,
भागे तो किसी ने भी पलट कर नहीं देखा,

दाढ़ी तेरे चेहरे पे नहीं है तो अजब क्या,
यारों ने तेरे पेट के अंदर नहीं देखा,

तफ़रीह ये होती है के हम सैर की ख़ातिर,
साहिल पे गए और समंदर नहीं देखा,

फ़ुट-पाथ पे भी अब नज़र आते हैं कमिश्नर,
क्या तुम ने कोई ओथ कमिश्नर नहीं देखा,

अफ़सोस के इक शख़्स को दिल देने से पहले,
मटके की तरह ठोंक बजा कर नहीं देखा।

दिलावर ‘फ़िगार’ बदायूंनी

Yaad Shayari, Jaane us shakhs ko

Jaane us shakhs ko kaisa ye hunar aata hai,
Raat hoti hai to ankhoo main utar aata hai,
main us ke khyaal se niklu to kahan jaau,
wo meri soch ke har raste pe nazar aata hai.

जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है,
रात होती है तो आँखों में उतर आता है,
मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं,
वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है।

Love Shaayri, Mohabbat Kisi Aise Shakhs Ki

मोह्ब्बत किसी ऐसे सख्स की तलाश नही करती
जिसके साथ रहा जाये,
मोह्ब्बत तो ऐसे सख्स की तलाश करती हे
जिसके बगेर रहा न जाये!!

Mohabbat Kisi Aise Shakhs Ki Talash Nahi Karti
Jiske Saath Raha Jaaye..
Mohabbat To Aise Shakhs Ki Talash Karti Hai
Jiske Bagair Raha Na Jaaye!