Ishq Shayari, kabhi dosti thi ab mohabbat ban gayi shayari

जहाँ से तेरा मन चाहे मेरी जिंदगी को पढ ले..
पन्ना चाहे कोई भी खूले.. हर पन्ने पर तेरा ही नाम होगा।

अगर तुम्हे यकीन नहीं तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास,
अगर तुम्हे यकीन है तो मुझे कुछ कहने की ज़रूरत नहीं।

Ishq Shayari, Ek Tamanna Thi Jo Ab Hasrat Ban Gayi

Ishq Shayari, Ek Tamanna Thi Jo Ab Hasrat Ban Gayi

एक तमना थी जो अब हसरत बन गई,
कभी दोस्ती थी अब मोहब्बत बन गई,
कुछ इस तरह शामिल हुए तुम ज़िंदगी में के…
तुम को सोचते रहना मेरी आदत बन गई।

हमने ख़ामोशी के लिफाफे में भेजे थे दिले जजबात,
वे करते रहे किसी और से अपने दिल की बात।।

उस रिश्ते को भी निभाया हमने,
जिसमें ना मिलना पहली शर्त थी।

ये किस मोड पे ले आयी है, जुस्तजू तेरी,
पानी में अक्स मेरा है और नजर तुम आ रहें हो।

सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह..
उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह।

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