Hindi Shayari, Mujhe maalum tha

मुझे मालूम था
कि वो रास्ते कभी मेरी मंजिल तक नहीं जाते थे,
फिर भी मैं चलता रहा
क्यूँ कि उस राह में कुछ अपनों के घर भी आते थे!

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