Hindi Shayari, Ajeeb si dasta hai meri bhi

अजीब सी दास्तां है मेरी भी,
शब्द लिखता हूँ फिर मिटाता हूँ।।
और कई लोग तो तब तक,
पूरी शायरी ही लिख डालते है।।

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