Gum Shayari, Mat satao humein

मत सताओ हमे हम सताए हुए है,
अकेला रहने का ग़म उठाये हुए है,
खिलौना समज के ना खेलो हम से,
हम भी उसी खुदा के बनाये हुए है…।।

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