Hindi Poems Poetry

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Kabhi nind aati thi, aaj sone ko mann nahi karta

मन नही करता
कभी नींद आती थी..
आज सोने को “मन” नही करता,
कभी छोटी सी बात पर आंसू बह जाते थे..
आज रोने तक का “मन” नही करता,
जी करता था लूटा दूं खुद को या लुटजाऊ खुद पे..
आज तो खोने को भी “मन” नही करता,
पहले शब्द कम पड़ जाते थे बोलने को..
लेकिन आज मुह खोलने को “मन” नही करता,
कभी कड़वी याद मीठे सच याद आते हैं..
आज सोचने तक को “मन” नही करता,
मैं कैसा था? और कैसा हो गया हूं..
लेकिन आज तो यह भी सोचने को “मन” नही करता। 📕✍

Zara si zindagi mein vyavdhaan bahut hain

ज़रा सी ज़िन्दगी
ज़रा सी ज़िन्दगी में, व्यवधान बहुत हैं,
तमाशा देखने को यहां, इंसान बहुत हैं!
कोई भी नहीं बताता, ठीक रास्ता यहां,
अजीब से इस शहर में, ‘नादान’ बहुत हैं!
न करना भरोसा भूल कर भी किसी पे,
यहां हर गली में साहब बेईमान बहुत हैं!
दौड़ते फिरते हैं, न जाने क्या पाने को,
लगे रहते हैं जुगाड में, परेशान बहुत है!
खुद ही बनाते हैं हम, पेचीदा ज़िन्दगी को,
वर्ना तो जीने के नुस्खे, आसान बहुत हैं! 📕 ✍

Mujhko Ckhu ke pighal rahe ho tum, Poetry

मुझको छूके
मुझको छूके पिघल रहे हो तुम ,
मेरे हमराह जल रहे हो तुम।
चाँदनी छन रही है बादल से ,
जैसे कपड़े बदल रहे हो तुम।
पायलें बज रही हैं रह रह कर ,
ये हवा है कि चल रहे हो तुम।
नींद भी टूटने से डरती है ,
मेरे ख़्वाबों में ढल रहे हो तुम। 💏

Sukun bhi paas hai apne, Shayari

सुकून
सुकून भी पास है अपने,
ग़मों का काफिला भी है,
लबों से कुछ नहीं कैहते,
मगर दिल में गिला भी है,
सुनायें किसको अपना दर्द,
कोई राज़दाँ तो हो..
ख़ुशी आँखों में है पर..
छुपा हआ आँसूओं का सिलसिला भी है।

Hindi Poetry, Ye kitabo ke kisse

किताबों के किस्से
ये किताबों के किस्से, ये फसानो की बातें,
निगाहों की झिलमिल जुदाई की रातें..
मोहब्बत की कसमें, निभाने के वादे,
ये धोखा वफ़ा का, ये झूठे इरादे..
ये बातें किताबी, ये नज्में पुरानी,
ना इन्की हकीक़त, ना इनकी कहानी..
न लिखना इन्हें, ना महफूज़ करना,
ये जज्बे हैं बस, इनको महसूस करना..!!

Hindi Poetry, Itani becheni se

इतनी बेचैनी
इतनी बेचैनी से तुमको किसकी तलाश है,
वो कौन है जो तेरी आंखों की प्यास है,
जबसे मिला हूं तुमसे यही सोचता हूं मैं,
क्यों मेरे दिल को हो रहा तेरा एहसास है,
जिंदगी के इस मोड़ पे तुम आके यूं मिले,
जैसे कि कोई मंजिल मेरे इतने पास है,
एक नजर की आस में तकता हूं मैं तुझे,
अब देख तेरे खातिर एक आशिक उदास है। 🌹

Hindi Poetry, Raah dekhte dekhte

राह देख़ते-देख़ते तेरी, बहुत देर हो गई,
कल तलक मैं तेरी थी, आज ग़ैर हो गई..
न पूछा तूने कुछ भी, न क़हां मैंने कुछ भी,
यूँ ही मोहब्बत की शाम-ओ-सहर हो गई..
अनकहे जज्बात, भीतर ही दफ़न हो गए,
जुदाई की वो घडियाँ पल में कहर हो गई..
मर-मर के ग़ुजरती हैं तेरे बिना ये ज़िन्दगी,
तेरे नाम जो साँसे थी, आज ज़हर हो गई..

Hot Poetry, Bheegi raat

Bheegi raat
Ek bhegi hui si raat mile,
Us raat me tera hath mile,
Tere lab se tapken jo bonde,
Unhe mere labon ka sath mile,
Kuch tum bi behke behke se,
Kuch mujh pe nasha sa tari ho,
Har pal me chaye madhoshi,
Ek aisi raat hamari ho,
Phir tum aao meri bahon me,
Main pyar karu tumhe ji bhar ke,
Tum mujhse thoda sharma jao,
Sharma k gale se lag jao,
Main jitna tumko pyar karu,
Tum itne hi betaab ho jao,
Hamein pyar k kuch lamhat mile,
Ek bhegi hui si raat mile!

Hot Poetry, Labon ki sarsarahat

Labon ki sarsarahat 💋
Labon ki sarsarahat se,
badan kr choor hone tak,
Main tujh ko is tarah chahoon,
Ke meri saans ruk jaye,
Khataon par khataain ho,
Na ho kuch baat kehne ko,
Main tujh main yoon sama jaau,
Ke meri saans ruk jaye,
Na himmat tujh main ho baqi,
Na himmat mujh main ho baqi,
Magar itna qareeb aaoun.
Ke meri saans ruk jaye.
Tere honton pe jab rakhoon.
Main apne hont kuch aise.
Ya teri PYAAS bujh jaye.
Ya meri saans ruk Jaye.

Hindi Poetry, Meetha Moti

मीठा मोती
पैर में से काँटा निकल जाए तो,
चलने में मज़ा आ जाता है,
और मन में से अहंकार निकल जाए तो,
जीवन जीने में मज़ा आ जाता है,
चलने वाले पैरों में कितना फर्क है,
एक आगे है तो एक पीछे,
पर ना तो आगे वाले को अभिमान है,
और ना पीछे वाले को अपमान,
क्योंकि उन्हें पता होता है,
कि पलभर में ये बदलने वाला है,
इसी को जिन्दगी कहते है।
💖🙏 खुश रहिये मुस्कुराते रहिये 🙏💖

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