Dosti Shayari, Har kisi ki kismat me

हर किसी कै किसमत मै ऐसा लिखा नही हौता ..
हर मंजिल मै तैरै जैसा दौस्त का पाता नही मिलता..
मैरी तकादीर हौगी कुछ खास..
वरना तैरै जैसा यार मुझै कहा मिलता.. 👬

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