Dard se rishta purana raha, Shayari

Dard se rishta purana raha,
Har kadam ek naya fasana raha,
Kise kahe ye dil apna?
Yaha toh har apna begana raha. 💔

दर्द से रिश्ता पुराना रहा,
हर कदम एक नया फ़साना रहा,
किसे कहे ये दिल अपना?
यहाँ तोह हर अपना बेगाना रहा! 💔

Pyar Se Bada To Dosti Ka Rishta Hai, Shayari

Dil Kabhi Dil Se Juda Nahi Hote,
Yuhi Hum Kisi Par Fida Nahi Hote,
Pyar Se Bada To Dosti Ka Rishta Hai,
Kyuki Dost Kabhi Bewafa Nahi Hote. 🤝 👬

दिल कभी दिल से जुदा नही होते,
यूही हम किसी पर फिदा नही होते,
प्यार से बड़ा तो दोस्ती का रिश्ता है,
क्यूकी दोस्त कभी बेवफा नही होते। 🤝 👬

Yaad Shayari, Rishta hamara is jahan me sabse pyara

good night yaad shayari

Rishta hamara is jahan me sabse pyara ho,
Jaise zindgi ko saanso ka sahara ho,
Yaad rakhna hame us pal me bhi,
Jab hum akele ho aur sara jahan tumara ho! GN 🍂🍃

रिश्ता हमारा इस जहां में सबसे प्यारा हो,
जैसे जिंदगी को सांसों का सहारा हो,
याद करना हमें उस पल में..
जब तुम अकेले हो और कोई ना तुम्हारा हो! GN 🍂🍃

Yaad Shayari, Rishta wo nahi jisme

Rishta wo nahi jisme jeet aur haar ho,
Rishta wo nahi jisme izhaar aur inkaar ho,
Rishta to wo hai Jisme kisi ki..
ummid na ho lekin phir bhi uska intejar ho.

रिश्ता वो नहीं जिसमे जीत और हार हो,
रिश्ता वो नहीं जिसमे इजहार और इंकार हो,
रिश्ता तो वो है जिसमे किसी की..
उम्मीद ना हो लेकिन फिर भी उसका इन्तेजार हो।

2 Line Shayari, Na jane kaisa rishta hai

ना जाने कैसा रिश्ता है इस दिल का तुझसे..
धड़कना भूल सकता है पर तेरा नाम नही​।


​​हमारी आरजूओं ने हमें इंसान बना डाला​,
​वरना जब जहां में आये थे बन्दे ​​​थे खुदा के​।


रूठा हुआ है हमसे इस बात पर जमाना ,
की शामिल नहीं है फितरत में हमारी सर झुकाना​।


जिन्हें देखने को तरस गयी थी निगाहे,
उन्हें देखकर बरस पड़ी आज मेरी निगाहें​।


मैं याद तो हूँ उसे, पर ज़रूरत के हिसाब से,
लगता है मेरी हैसियत, कुछ नमक जैसी है​।


प्यार आज भी तुझसे उतना ही हैं,
तुझे अहसास भी नही, और हमने जताना भी छोड़ दिया​।


उन्हें शोक था अखबारों के पन्नो पर बने रहने का,
वक़्त ऐसा गुज़रा की वह रद्दी के भाव बिक गये​।


सफ़र तुम्हारे साथ बहुत छोटा है मगर,
यादगार हो गये तुम अब ज़िंदगी भर के लिए​।


बारिश में रख दूँ जिंदगी को ताकि धुल जाए पन्नो की स्याही, 
ज़िन्दगी फिर से लिखने का मन करता है कभी-कभी​।


जख्म तो आज भी ताजा है बस वो निशान चला गया,
मोहब्बत तो आज भी बेपनाह है बस वो इंसान चला गया​।