2 Line Shayari, Ye aankhein din bhar

ये आँखे दिनभर कुछ तलाशती रहती हैं..
कोई तो है जिस का इन्हे इंतजार है।


मुझे भी तो किसी का प्यार पाना है,
क्या बुरा है अगर तुमको ही चाहूँ तो।


एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में,
रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है।


मुझे तलाश है उन रास्तों कि, जहां से कोई गुज़रा न हो,
सुना है.. वीरानों मे अक्सर, जिंदगी मिल जाती है।


उनकी नज़रो में फर्क अब भी नही,
पहले मुड़ के देखते थे, अब देख के मुड़ जाते है।


तुम अच्छे हो तो बेहतर, तुम बुरे हो तो भी कबूल,
हम मिज़ाज-ऐ-दोस्ती में ऐब-ऐ-दोस्त नहीं देखा करते।


दुनियाँ की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाया करती है दोस्तो,
एक कामयाबी ही है जो ठोकर खा के ही मिलती है।


मे इंतेज़ार मे हूँ की कब टूटेगी तेरी खामोशी,
तुम इंतेज़ार मे हो की नही देख मेरी खामोशी।


गम ये नहीं है कि कोई ये सब खुशियाँ बांटने वाला होता,
पर कोई तो होता जो गलतियों पर डांटने वाला होता।


बड़ा मुश्किल काम दे दिया किस्मत ने मुझको,
कहती है तुम तो सबके हो गए, अब ढूंढो उनको जो तुम्हारे है।

2 Line Shayari, Ye aankhein din bhar