2 Line Shayari, Rang teri yaado ka

रंग तेरी यादों का उतर न पाया अब तक,
लाख बार खुद को आँसुओं से धोया हमने।


मिला वो लुत्फ हमको डूब कर तेरे ख्यालों में
कहाँ अब फर्क बाकी है अंधेरे और उजालों में।


बंद लिफाफे में रखी चिट्ठी सी है ये जिंदगी..
पता नहीं अगले ही पल कौन सा पैगाम ले आये।


लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता,
शायद उन लोगों को दोस्त कोई तुम-सा नहीं मिलता।


तुझे खोने के डर से शायद हम मर जायँगे,
तुम याद करोगे फिर मुझे लेकिन हम वापस नही आएंगे।


मैं बोझ बन जाऊ़गा एक दिन अपने ही दोस्तों पर,
कांधे वदल रहे होंगे वो.. हर दो क़दम के बाद..!!


मुझे नहीं आती हैं, उड़ती पतंगों सी चालाकियां,
गले मिलकर गला काटूं, वो मांझा नहीं हूँ मै।


हमारी दुनिया दौलत और मौत का वह चक्रव्यूह है,
जिस में एक बार दाखिल हो जाओ, तोह कोई वापसी नहीं।


मौसम की पहली बारिश का शौक तुम्हें होगा,
हम तो रोज किसी की यादो मे भीगें रहते है।


मैं निकला सुख की तलाश में रस्ते में खड़े दुखो ने कहा,
हमें साथ लिए बिना सुखों का पता नहीं मिलता जनाब।

2 Line Shayari, Rang teri yaado ka