2 Line Shayari, Na hero ki tamanna

ना हीरो की तमन्ना है और ना परियों पे मरता हूँ..
वो एकभोली सी लडकी हे जिसे मैं मोहब्बत करता हूँ।


तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू।


मोहब्बत यूँ ही किसी से हुआ नहीं करती,
अपना वजूद भूलाना पडता है, किसी को अपना बनाने के लिए।


दुनिया में बहुत से लोग आईना देख कर डर जाते,
अगर.. आईने में चेहरा नहीं चरित्र दिखाई देता।


न लौटने की हिम्मत है न सोचने की फुर्सत
बहुत दूर निकल आए हैं तुमको चाहते हुए।


अल्फ़ाज कहाँ से लाऊं तेरी बंदगी के मैं
महसुस होकर बिछड़ जाते हो बिल्कुल हवा की तरह।


देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ
हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से ही उठ गए।


कभी इतना मत मुस्कुराना की नजर लग जाए जमाने की,
हर आँख मेरी तरह मोहब्बत की नही होती।

2 Line Shayari, Na hero ki tamanna