2 Line Shayari, Mere aib ginne wale

मेरे ऐब गिनाने वाले,
तेरा ये ऐब मेरे हर ऐब से बडा है।


वो कहता है कि बता तेरा दर्द कैसे समझूँ,
मैंने कहा.. इश्क़ कर और कर के हार जा।


कोई भी हो हर ख़्वाब तो अच्छा नही होता,
बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता है।


बारूद के इक ढेर पे बैठी हुई दुनिया,
शोलों से हिफ़ाज़त का हुनर पूछ रही है।


 जलजले ऊँची इमारत को गिरा सकते हैं,
मैं तो बुनियाद हूँ मुझे कोई खौफ नहीं।


 मन ख्वाहिशों मे अटका रहा,
और ज़िन्दगी हमें जी कर चली गई।


 एक चेहरा पड़ा मिला.. रास्ते पर मुझे,
ज़रूर किरदार बदलते वक़्त गिरा होगा।


 तुम बहुत दिल-नशीन थे मगर..
जब से किसी और के हो गए हो.. ज़हर लगते हो।


जख्म ही देना था तो पूरा जिस्म तेरे हवाले था,
तूने जब भी वार किया तो सिर्फ दिल को ही ज़ख्मी किया।


मशहूर होने का शौक किसे है साहब,
हमे तो हमारे अपने ही ठीक से पहचान ले तो भी बहुत हैं।

2 Line Shayari, Mere aib ginne wale