2 Line Shayari #211, Mene Suna tha

मैंने तो सुना था सब्र का फल मीठा होता है,
सब्र तो बहुत कर लिया तुम क्यूँ नही मिले।

अपनों की भीड़ में भी सभी पराए मिलते हैं,
तेरे शहर में सभी तन्हाई के सताए मिलते हैं।

इतना क्यों सिखाये जा रही हो ए जिंदगी,
हमे कौन सी सदियाँ गुज़ारनी है यहाँ।

मुझको पढ़ना हो तो मेरी शायरी पढ़ लो,
लफ्ज़ बेमिसाल ना सही जज़्बात लाजवाब होंगे। 😢

तेरे मुस्कुराने का असर मेरी सेहत पर होता है,
और लोग पूछते है दवा का नाम क्या है। 💐

तुझ को सोचा तो बहुत पर लिखा कम मैंने,
की तेरी तारीफ के काबिल मेरे अल्फाज कहां।

मैंने ये जाना था कि अल्फाज मेरे गूँगे हैं,
पर सुना है पढ़ने वालो के दिल में बहुत शोर करते है। 💔

मैंने माँगा था थोड़ा सा उजाला अपनी..
ज़िन्दगी में चाहने वालो ने तो आग ही लगा दी। 💔

हम वो ही हैं, बस जरा ठिकाना बदल गया हैं अब,
तेरे दिल से निकल कर, अपनी औकात में रहते हैं।

मुझे आजमाने वाले शख्स तेरा शुक्रिया,
मेरी काबिलियत निखरी है तेरी हर आजमाइश के बाद।

2 Line Shayari #211, Mene Suna tha