2 Line Shayari (New Shayari)

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2 Line Shayari, Na jaane kab kharch ho gaye

न जाने कब खर्च हो गये, पता ही न चला,
वो लम्हे, जो छुपाकर रखे थे जीने के लिये।


बहुत सा पानी छुपाया है मैंने अपनी पलकों में,
जिंदगी लम्बी बहुत है, क्या पता कब प्यास लग जाए।


न हथियार से मिलते हैं न अधिकार से मिलते हैं,
दिलों पर कब्जे बस अपने व्यवहार से मिलते है।


अपने दिल की अदालत में ज़रूर जाएं,
सुना है, वहाँ कभी गलत फैसले नहीं हुआ करते।


कॉल फ्री होने से क्या होता है साहिब,
दिलों में गुंजाइश भी तो होनी चाहिए बात करने के लिए।


घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में मेरे,
मुझसे वो परिंदे, कभी उड़ाये नहीं जाते।


इतना क्यों सिखाए जा रही हो ज़िन्दगी,
हमें कौनसी सदियाँ गुज़ारनी है यहाँ।


यहाँ हर कोई रखता है ख़बर ग़ैरों के गुनाहों की,
अजब फितरत हैं, कोई आइना नहीं रखता।


मन को छूकर लौट जाऊँगा किसी दिन,
तुम हवा से पूछते रह जाओगे मेरा पता।

2 Line Shayari, Koun Kehta hai Maa!

कौन कहता है माँ का कलेजा दुनिया में सबसे नरम है,
मैंने बेटियों की विदाई में अक्सर पिता को टूटते देखा है।


बेनूर सी लगती है तुमसे बिछड़ कर ये रातें,
चिराग तो जलते है मगर उजाला नही करते।


मिज़ाज़ अपना कुछ ऐसा बना लिया हमने,
किसी ने कुछ भी कहा, बस मुस्करा दिया हमने।


कुछ शिकवे ऐसे थे साहिब,
जो खुद ही कहे और खुद ही सुने।


शायर कहकर बदनाम ना करना मुझे दोस्तो,
मै तो रोज शाम को दिनभर का हिसाब लिखता हूं।


किस लिए, देखते हो तुम आईना,
तुम तो ख़ुद से भी, ज्यादा ख़ूबसूरत हो।


अभी काँच हूँ इसलिए सबको चुभता हूँ,
जिस दिन आइना बन जाऊँगा उस दिन पूरी दुनियाँ देखेगी।


ना खोल मेरे मकान के उदास दरवाज़े,
हवा का शोर मेरी उलझने बढ़ा देते है।


तहज़ीब में भी उसकी क्या ख़ूब अदा थी,
नमक भी अदा किया तो ज़ख़्मों पर छिड़क कर।


कसा हुआ हैं तीर हुस्न का, ज़रा संभलके रहियेगा,
नज़र नज़र को मारेगी, तो क़ातिल हमें ना कहियेगा।

2 Line Shayari, Talab Esi ki

तलब ऐसी कि सांसों में समा लूं तुझे,
किस्मत ऐसी कि देखने को मोहताज हूं तुझे।


तेरे होने का जिसमें किस्सा है,
वही मेरी जिंदगी का बेहतरीन हिस्सा है।


मुझे भी पता है कि तुम मेरी नहीं हो,
इस बात का बार बार एहसास मत दिलाया करों।


याद महबूब की और शिद्दत गर्मी की,
देखते हैं.. हमें कौन.. बीमार करता है।


गज़ब की बेरुख़ी छाई हे तेरे जाने के बाद,
अब तो सेल्फ़ी लेते वक़्त भी मुस्कुरा नही पाते।


हाल मीठे फलों का मत पूछिए साहब,
रात दिन, चाकू की नोंक पे रहते है।


कभी तुम पूछ लेना, कभी हम भी ज़िक्र कर लेगें,
छुपाकर दिल के दर्द को, एक दूसरे की फ़िक्र कर लेंगे।


शाम ढले ये सोच के बैठे हम तेरी तस्वीर के पास,
सारी ग़ज़लें बैठी होंगी अपने-अपने मीर के पास।


निगाहें नाज़ करती है फ़लक के आशियाने से,
खुदा भी रूठ जाता है किसी का दिल दुखाने से।


शायरी पढ़ने तक ही ताल्लुक रखते है लोग,
किसी ने अभी तक हमारी महबूबा का नाम तक नहीं पूछा।

2 Line Shayari, Ishq ka hona bhi

इश्क का होना भी लाजमी है शायरी के लिये..
कलम लिखती तो दफ्तर का बाबू भी ग़ालिब होता।


एक ताबीज़.. तेरी-मेरी दोस्ती को भी चाहिए..
थोड़ी सी दिखी नहीं कि नज़र लगने लगती हैं।


भरी महफ़िल मे दोस्ती का ‪‎जिक्र‬ हुआ, हमने तो..
सिर्फ़ आप‬ की ओर देखा और लोग ‪‎वाह‬-वाह कहने लगे।


मिट जाते है औरों को मिटाने वाले
लाश कहा रोती है, रोते है जलाने वाले।


वक़्त के भी अजीब किस्से है..
किसी का कटता नही और, किसी के पास होता नही।


आँसू वो खामोश दुआ है
जो सिर्फ़ खुदा ही सुन सकता है।


वो किताबों में दर्ज था ही नहीं,
जो सबक सीखाया जिंदगी ने।


यहाँ सब खामोश है कोई आवाज़ नहीं करता..
सच बोलकर कोई, किसी को नाराज़ नहीं करता।


सुनो, रिश्तों को बस इस तरह बचा लिया करो,
कभी मान लिया करो, कभी मना लिया करो..!!


यूँ तो जिंदगी तेरे सफर से शिकायतें बहुत थी,
दर्द जब दर्ज कराने पहुंचे तो कतारें बहुत थी!!

2 Line Shayari, Bas itna yaad hai

बस इतना याद है, सारे अपने थे..
किसने क्या चाल चली, कुछ याद नही।


दिल है, टूटेगा पता था..
जिसके लिए धड़कता है,वो तोड़ेगा, नही पता था।


जुदा होकर भी जी रहे है..
जो कभी कहते थे ऐसा हो ही नही सकता।


एम्बुलेंस सा हो गया है ये जिस्म,
सारा दिन घायल दिल को लिये फिरता है।


लाख पता बदला, मगर पहुँच ही गया..
ये ग़म भी था कोई डाकिया ज़िद्दी सा।


मुझको छोडने की वजह तो बता जाते..
तुम हमसे बेजार थे या हम जैसे हजार थे।


ख्वाहिश सिर्फ यही है की..
जब मैं तुझे याद करु तू मुझे महसूस करे।


शीशा तो टूट कर, अपनी कशिश बता देता हैं
दर्द तो उस पत्थर का हैं, जो टुटने के काबिल भी नही।


खुद को समेट के, खुद में सिमट जाते हैं हम..
एक याद उसकी आती है.. फिर से बिखर जाते है हम।


कर दिया मेरी चाहत ने उसे लापरवाह..
मैने याद नही दिलाया, तो मेरा ख्याल भी नही आया।

2 Line Shayari, Wo jo samjhe the

Wo jo samjhe the tamasha hoga,
maine chup reh ke baazi palat di.


Tu kaha hain, mere paas aa,
main kaha hoon, mujhe pataa chale.


Chaaro taraf lakadhaare hain,
fir bhi ped kahan haare hain.


Are o jalaane waale.. wo tera hi tha nasheman,
jise tune phoonk daala mera aashiyaan samajh kar.


Kal raat zindagi se mulaqaat ho gayi,
lab thartharaa rahe the magar baat ho gayi.


Tujhe kitna kaha tha ki mujhe apna na banaa,
ab mujhe chhod ke duniya me tamasha na banaa.


Ab dekhiye to kis ki jaan jaati hai,
maine uski.. usne meri kasam khaayi hai.


Gulaab, khwaab, dawaa, zaher, jaam kya kya hai,
main aa gaya hoon, bataa intezaam kya kya hai.


Mere mehboob ne waada kiya hai paan’chve din ka,
kisi se sun liya hoga ke, ye duniya chaar din ki hai.


Ek main tha, jo lafz dhoondh dhoondh kar thak gaya,
koi gair kharide huye phool de kar izhaar kar gaya.

2 Line Shayari, Shayaro se talluk rakho

शायरों से ताल्लुक रखो, तबियत ठीक रहेगी
ये वो हकीम हैं, अलफ़ाजो से ईलाज करते है।


तुम नफरतों के धरने, कयामत तक जारी रखो
मैं मोहब्बत से इस्तीफा, मरते दम तक नहीं दूंगा।


ज़िन्दगी कभी भी ले सकती है करवट, तू गुमां न कर..
बुलंदियाँ छू हज़ार मगर, उसके लिए कोई गुनाह न कर।


तेरे इश्क में डूब कर कतरे से दरिया हो जाऊँ,
मैं तुमसे शुरू होकर तुझमें ख़त्म हो जाऊँ।


लोग कहते हैं कि आदमी को अमीर होना चाहिए,
और हम कहते कि आदमी का जमीर होना चाहिए।


साहिब.. इज्जत हो तो इश्क़ जरा सोच कर करना,
ये इश्क अक्सर मुकाम-ए-जिल्लत पे ले जाता है।


संभाल के रखना अपनी पीठ को यारो,
शाबाशी और खंजर दोनो वहीं पर मिलते है।


हम ने रोती हुई आँखों को हसाया है सदा,
इस से बेहतर इबादत तो नहीं होगी हमसे।


आज दिल कर रहा था, बच्चों की तरह रूठ ही जाऊँ,
पर फिर सोचा, उम्र का तकाज़ा है, मनायेगा कौन।


मैं निकला सुख की तलाश में रस्ते में खड़े दुखो ने कहा,
हमें साथ लिए बिना सुखों का पता नहीं मिलता जनाब।

2 Line Shayari, Ye aankhein din bhar

ये आँखे दिनभर कुछ तलाशती रहती हैं..
कोई तो है जिस का इन्हे इंतजार है।


मुझे भी तो किसी का प्यार पाना है,
क्या बुरा है अगर तुमको ही चाहूँ तो।


एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में,
रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है।


मुझे तलाश है उन रास्तों कि, जहां से कोई गुज़रा न हो,
सुना है.. वीरानों मे अक्सर, जिंदगी मिल जाती है।


उनकी नज़रो में फर्क अब भी नही,
पहले मुड़ के देखते थे, अब देख के मुड़ जाते है।


तुम अच्छे हो तो बेहतर, तुम बुरे हो तो भी कबूल,
हम मिज़ाज-ऐ-दोस्ती में ऐब-ऐ-दोस्त नहीं देखा करते।


दुनियाँ की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाया करती है दोस्तो,
एक कामयाबी ही है जो ठोकर खा के ही मिलती है।


मे इंतेज़ार मे हूँ की कब टूटेगी तेरी खामोशी,
तुम इंतेज़ार मे हो की नही देख मेरी खामोशी।


गम ये नहीं है कि कोई ये सब खुशियाँ बांटने वाला होता,
पर कोई तो होता जो गलतियों पर डांटने वाला होता।


बड़ा मुश्किल काम दे दिया किस्मत ने मुझको,
कहती है तुम तो सबके हो गए, अब ढूंढो उनको जो तुम्हारे है।

2 Line Shayari, Kaun kehta hai ki

कौन कहता है कि हम झूठ नही बोलते,
एक बार खैरियत तो पूछ के देखिये।


महफील भले ही प्यार करने वालो की हो,
उसमे रौनक तो दिल टुटा हुआ शायर ही लाता है।


सात संदूक़ों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें,
आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत है बहुत।


कहो तो फ़लक़ से तुम्हारे लिए चाँद तारे तोड़ लाऊँ,
इतना काफी हैं, यारा कि कुछ और झुठ बोल जाऊँ।


यारो कुछ तो जिक्र करो, उनकी क़यामत बाहो का,
वो जो सिमटते होंगे उनमे, वो तो मर जाते होंगे।


मेरी ज़िन्दगी में तुम्हारी दखलंदाजी की आदत गई नहीं,
साँसों में भी रुकावट डालते हो हिचकियाँ बनकर।


खुदा ही जाने क्यूँ हाथो पे तुम मेहँदी लगाती हो,
बड़ी ही नासमझ हो, फूलों पर पत्तों के रंग चढ़ाती हो।


एहसान किसी का वो रखते नहीं मेरा भी चुका दिया,
जितना खाया था नमक मेरा, मेरे जख्मों पर लगा दिया।


फासला रख के क्या हासिल कर लिया तुमने,
रहते तो आज भी हो तुम मेरे दिल में ही।


मुझे लिख कर कही महफूज़ कर लो दोस्तो,
आपकी यादाश्त से निकलता जा रहा हूँ में।

2 Line Shayari, Tere husn par

तेरे हुस्न पर तारीफों भरी किताब लिख देता,
काश तेरी वफा तेरे हुस्न के बराबर होती।


कमी तो होनी ही है पानी की, शहर में,
न किसी की आँख में बचा है, न किसी के जज़्बात में।


सरक गया जब उसके रुख़ से पर्दा अचानक,
फ़रिश्ते भी कहने लगे काश हम भी इंसा होते।


इस उम्मीद पे रोज़ चिराग़ जलाते हैं,
आने वाले बरसों बाद भी आते हैं..!!


ये तो अच्छा हुआ कुदरत ने रंगीन नहीं रखे आँसूं,
वरना जिसके दामन में गिरते वो भी बदनाम हो जाता।


इतना आसान नही जीवन का किरदार निभा पाना,
इंसान को बिखरना पड़ता है रिश्तो को समेटने के लिए।


तुम्हारे वजूद से बना हूँ मैं..
पहले जिन्दा था अब जी रहा हूँ मैं।


तलब ये है कि मैं सर रखूँ तेरे सीने पे,
और तमन्ना ये कि मेरा नाम पुकारती हों धड़कनें तेरी।


तुझे महसूस करने का हर अहसास अजीब है,
तू पास है तो पास है, जब दूर है तो भी पास है।


लो खुद ही सुन लो.. तुम मेरी धड़कनो की आवाज़,
मै कहूंगा कि ये दिल इस कदर धड़कता है तो तुम झूठ मानोगी।