2 Line Shayari

New 2 Line Shayari in Hindi: Looking for Best 2 Line Poetry, We are providing Large Collection of Latest Shayari. I hope you liked this 2 Line Shayari collection. ‘Shayari is a form of poetry, that allows a person to express his deep feelings from bottom of the heart through words. Each couplet of a Ghazal is known as Sher, which forms a Shayari.’ You will get all the Latest and updated collection of Best Shayari. Choose your favorite 2 Line Shayari and share. You would just like these Shayari once you read all through this. So Friends, Share this Stylish two Line Shayari on Facebook and Whatsapp. Keep Visit and enjoy Latest Short Shayari Collection.
2 Line Shayari

Here is Latest 2 Line Shayari in Hindi.

Tujhse Pahle Bhi Kayi Zakhm The, Shayari

Tujhse Pahle Bhi Kayi Zakhm The Seene Mein Magar,
Ab Ke Woh Dard Hai Ke Ragein TootTi Hain. 💔

तुझसे पहले भी कई जख्म थे सीने में मगर,
अब के वह दर्द है दिल में कि रगें टूटती हैं। 💔

Ye dil bura hi sahi par sare bazar, Shayari

Love Shayari

Ye dil bura hi sahi par sare bazar to na kaho,
Aakhir tumne bhi isme kuchh din gujare hai. 💘

ये दिल बुरा ही सही पर सरे बाज़ार तो ना कहो,
आखिर तुमने भी इसमें कुछ दिन गुजारे है। 💘

Tumne hi badle diye silsile, Shayari

Tumne hi badle diye silsile apni wafaon ke,
Warana ham to aaj bhi tum se azeez koi nahi. 💔

तुमने ही बदले दिए सिलसिले अपनी वफाओं के,
वरना हम तो आज भी तुम से अज़ीज़ कोई नही। 💔

Jo aankhon mein hui baatein wo, Shayari

Jo aankhon mein hui baatein wo sabse hasin thi,
lafzon mein bayaan karke unhe ilazam na do. 👁💘

जो आँखों में हुई बातें वो सबसे हसीन थीं,
लफ़्ज़ों में बयान करके उन्हें इलज़ाम ना दो। 👁💘

Aankhon mein dekhi jati hain pyar ki gehraiyan, Shayari

Aankhon mein dekhi jati hain pyar ki gehraiyan,
shabdon mein to chhup jate hain bahut s tanhaiyan!

आँखों में देखी जाती हैं प्यार की गहराईयाँ,
शब्दों में तो छुप जाती हैं बहुत सी तन्हाईयाँ! 🌹💞

2 Line Shayari #224, Khud ko samet ke

खुद को समेट के, खुद में सिमट जाते हैं हम,
एक याद उसकी आती है फिर से बिखर जाते है हम।

जो दिल के आईने में हो, वही है प्यार के क़ाबिल,
वरना दीवार के क़ाबिल तो हर तस्वीर होती है।

साफ़ दामन का दौर तो कब का खत्म हुआ साहब,
अब तो लोग अपने धब्बों पर गुरूर करने लगे हैं।

ठहाके छोड़ आये हैं अपने कच्चे घरों मे हम,
रिवाज़ इन पक्के मकानों में बस मुस्कुराने का है।

एक बात बोलूँ बड़ी बरकत है तेरे ईश्क में,
जब से हुआ है बढ़ता ही ज़ा रहा है। 💘

किस कदर अजीब है ये सिलसिला-ए-इश्क़,
मोहब्बत तो कायम रहती है पर इन्सान टूट जाते है।

एक चाहत होती है, जनाब़ अपनों के साथ जीने की,
वरना पता तो हमें भी है कि ऊपर अकेले ही जाना है।

लगता है आँखों से अश्क़ों की तरह बरसते रहेंगे हम,
ताउम्र प्यार के लिए इसी तरह तरसते रहेंगे हम। 🐾 ✍

चैन तुमसे है करार तुमसे है जिंदगी की बहार तुमसे है,
क्या करुंगा पूरी दुनिया को लेकर मेरे दिल को तो बस प्यार तुमसे है।

माना की खुद चलकर आए है हम तेरे दर पर ऐ मोहब्बत,
लेकिन दर्द, दर्द और सिर्फ दर्द ये कहाँ की मेहमान नवाजी है। 💔

2 Line Shayari #223, Ab itna bhi sukh

अब इतना भी खूब ना लिखा करो यारो,
आप सबके अल्फ़ाज़ों से इश्क़ सा होने लगा है।

क्या मुझे तेरी बाहों में पनाह मिल सकती है,
मुझे अपनी जिंदगी की आखिरी सांस लेनी है।

बडी मुख़्तसर वजह है, मेरे झुक कर मिलने की,
मिट्टी का बना हूँ, गुरुर जँचता नहीं मुझ पर।

रहकर तुझसे दूर, कुछ यूँ वक़्त गुज़ारा मैंने ना होंठ हिले,
ना आवाज़ आई फिर भी हर वक़्त तुझको पुकारा मैंने।

एहसान किसी का वो रखते नहीं, मेरा भी चुका दिया,
जितना खाया था नमक मेरा, मेरे जख्मों पर लगा दिया।

कौन शरमा रहा है आज यूँ हमें फ़ुर्सत में याद कर के..
हिचकियाँ आना तो चाह रही हैं, पर हिच-किचा रही है।

गलतफहमी से बढ़कर दोस्ती का दुश्मन नहीं कोई,
परिंदों को उड़ाना हो तो बस शाख़ें हिला दीजिए।🌹

रातो को आवारगी की आदत तो हम दोनों में थी,
अफ़सोस चाँद को ग्रहण और मुझे इश्क हो गया। 😪🍾

आज बता रहा हूँ नुस्खा-ए-मौहब्बत ज़रा गौर से सुनो,
न चाहत को हद से बढ़ाओ न इश्क़ को सर पे चढ़ाओ।🔥

मोहब्बत करने वालों को वक़्त कहाँ जो गम लिखेंगे
ए-दोस्तों, कलम इधर लाओ इन बेवफ़ाओं के बारे में हम लिखेंगे।

2 Line Shayari #222, Zindagi ajnabi mod pe le aayi

जिंदगी अजनबी मोड़ पर ले आई है,
तुम चुप हो मुझ से, और मैँ चुप हूँ सबसे। 😔

यूँ ही बे-सबब नही बनते भँवर दरिया में,
ज़ख्म कोई तो तेरी रूह में उतरा होगा।

ना महोब्बत ही मिली ना जख्म ही भरे,
हम तो आज भी उन्ही राहों पे हैं खड़े। 😔

हम थे, तुम थे, कुछ जज़्बात भी तो थे,
अरे छोड़ो कुछ नहीं, अल्फ़ाज़ ही तो थे।

ज़हन की चादर में ख्यालों के धागे हैं,
ओढ़े हैं जो किरदार सबके सब आधे हैं।

मुहब्बत का सबक बारिश से सीखो,
जो फूलो के साथ काँटो पर भी बरसती है।

अभी काँच हूँ इसलिए दुनिया को चुभता हूँ,
जब आइना बन जाऊँगा पूरी दुनिया देखेगी।

क़दम क़दम पर सिसकी और क़दम क़दम पर आहें,
खिजाँ की बात न पूछो सावन ने भी तड़पाया मुझे।

अजनबी शहर में किसी ने पीछे से पत्थर फेंका है,
जख्म कह रहा है जरुर इस शहर में कोई अपना मौजूद है। 😟

उन्होने अपने लबो से लगाया और छोड़ दिया,
वे बोले इतना जहर काफी है तेरी कतरा कतरा मौत के लिए।

1 of 17123456Last