Gam Shayari, Dard Se Hath

दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते,
गम के आंसू न बहते तो और क्या करते,
उसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ,
हम खुद को न जलाते तो और क्या करते!

Dard se hath na milate to aur kya karte,
Gham ke aansoo na bahate to aur kya karte,
Usne maangi thi humse roshni ki dua,
Hum khud ko na jalate to or kya karte