Hindi Poetry, Na koi dil me samaya

ना कोई दिल में

ना कोई दिल में समाया ना कोई पहलू में आया,
जा के भी पास रहीं तुम ही और
जान-ए-जाँ जान-ए-मन जानती हो
ना कोई दिल में …

क्यों तुमने दामन चुराया तुम जानों मैं क्या बताऊँ,
मुझमें ही कुछ ऐब होगा क्यों तुम पे तोहमत लगाऊँ,
मैं तो यहीं कहूँगा पूछोगी जब भी..
जा के भी पास ..

तुम जो मुझे दे गई हो इक ख़ूबसूरत निशानी,
लिपटा के सीने से उसको कट जाएगी ज़िन्दगानी,
मैं तो यहीं कहूँगा पूछोगी जब भी
जा के भी पास …

  • साहिर लुधियानवी

Hindi Poetry, Mujhe nisbat hai

मुझे निस्बत हैं तुमसे या शायद मुहब्बत है,
मगर तुम मेरी जरूरत हो ये जरूरी तो नहीं..

चाहता हूं मैं तुम्हें शायद हर शय से ज्यादा,
मगर एक तुम ही चाहत हो ये जरूरी तो नहीं..

जो हैं हमारे दरमियां हां! वो हम दोनों का हैं,
ये सिर्फ मेरी ही अमानत हो ये जरूरी तो नहीं..

कुछ पहलु अनजान रहें कुछ जानने का अरमान रहें,
सब राज़ खोलु ये कुर्बत हो ये जरूरी तो नहीं..

जब चल पड़ें हो साथ तो कुछ दूरियां तय करें,
मुकाम मिले ये किस्मत हो ये जरूरी तो नहीं।।

Hindi Poetry, Har cheez jamane ki

हर चीज़ ज़माने की

हर चीज़ ज़माने की जहां पर थी वहीं है,
एक तू ही नहीं है,

नज़रें भी वही और नज़ारे भी वही हैं,
ख़ामोश फ़ज़ाओं के इशारे भी वही हैं,
कहने को तो सब कुछ है मगर कुछ भी नहीं है,

हर अश्क में खोई हुई ख़ुशियों की झलक है,
हर सांस में बीती हुई घड़ियों की कसक है,
तू चाहे कहीं भी हो तेरा दर्द यहीं है,

हसरत नहीं अरमान नहीं आस नहीं है,
यादों के सिवा कुछ भी मेरे पास नहीं है,
यादें भी रहें या न रहें किसको यक़ीं है।

– साहिर लुधियानवी

Hindi Poetry, Wo Shakhsh Kabi

वो शख़्स कभी जिस ने मेरा घर नहीं देखा,
उस शख़्स को मैं ने कभी घर पर नहीं देखा,

क्या देखोगे हाल-ए-दिल-बर्बाद के तुम ने,
कर्फ़्यू में मेरे शहर का मंज़र नहीं देखा,

जाँ देने को पहुँचे थे सभी तेरी गली में,
भागे तो किसी ने भी पलट कर नहीं देखा,

दाढ़ी तेरे चेहरे पे नहीं है तो अजब क्या,
यारों ने तेरे पेट के अंदर नहीं देखा,

तफ़रीह ये होती है के हम सैर की ख़ातिर,
साहिल पे गए और समंदर नहीं देखा,

फ़ुट-पाथ पे भी अब नज़र आते हैं कमिश्नर,
क्या तुम ने कोई ओथ कमिश्नर नहीं देखा,

अफ़सोस के इक शख़्स को दिल देने से पहले,
मटके की तरह ठोंक बजा कर नहीं देखा।

दिलावर ‘फ़िगार’ बदायूंनी

Dard Shayari, Dard Kya hota hai

दर्द क्या होता है बताएँगे किसी रोज़ ,
कमाल की ग़ज़ल तुम को सुनायेंगे किसी रोज़।
थी उन की ज़िद के मैं जाऊँ उन को मनाने,
मुझ को ये वहम था वो बुलाएंगे किसी रोज़ ।
उड़ने दो इन परिंदों को आज़ाद फ़िज़ाओं में,
तुम्हारे होंगे अगर, तो लौट आएंगे किसी रोज़।
– परवीन शाक़िर

2 Line Shayari, Jaate waqt wo

जाते वक्त वो हाथ तक मिलाकर न गई,
मैंने चाहा था जिसे सीने से लगाकर रोना।


तुम्हें लगता था की मैं जानता कुछ भी नहीं,
मुझे पता था की रास्ता बदल रहे हो तुम।


हमने तो नफरतो से ही सुर्खिया बटोर ली जनाब
सोचो अगर मोहब्बत कर लेते तो क्या होता।


अकेला छोड़ दो मुझे या फिर मेरे हो जाओ,
मुझे अच्छा नहीं लगता कभी पाना कभी खोना।


बला की कशिश थी चाहतों में उसकी,
उसने याद वहां किया मदहोश हम यहाँ हुए।


बेहद लाचारी का आलम था उस वक्त साहब,
जब मालुम हुआ की ये मुलाक़ात आखरी है।


तू इस कदर साँसों में बस गया है मेरे..
कि तेरे पास होने का ख्याल भी सुकून दे जाता है।


बुलन्दियों को पाने की ख्वाहिश तो बहुत थी,
लेकिन दूसरो को रौंदने का हुनर कहां से लाता।


कुछ तो सोचा होगा कायनात ने तेरे-मेरे रिश्ते पर,
वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुझसे ही बात क्यों होती।


तू वो ज़ालिम है जो दिल में रह कर भी मेरा न बन सका
और दिल वो काफिर जो मुझमे रह कर भी तेरा हो गया।

2 Line Shayari, Mohabbat ki saza

Mohabbat ki saza bemisal di usne,
Har pal udas rahne ki aadat daal di usne.


Raah chalte girta to khud uth jaata,
Mohabbat me gira huu ab to Khuda hi uthayega.


Yaad aate hain to kuch b nahi karne dete,
Aache logon ki yehi baat burri lagti hai.


Logo ne roz kuch naya maanga khuda se,
Ek hum hi tere khayal se aage nahi gaye.


Mat pucho kese guzarta hai har pal tere bina,
Kabhi baat karne ki hasrat kabhi dhekne ki tamnna.


Kabhi seene se lag kar sun wo dhadkan,
Jo har pal tere sath jeene ka zidd karti hai.


Be khabar bhi rehte ho aur khabar bhi rakhte ho,
Baat bhi nahi karte aur pyar bhi karte ho.


Yu meri najdikiyaa jo badh gai gairo se galib,
Naseeb esa tha ki duriyaa mohabbat se hi hogi.


Log padh lete hain meri ankho se tere pyar ki shidat,
Mujh se ab aur tere ishq ki hifazat nahi hoti.


Zindagi guzar rehi hai imtihano ke dour se,
Ek zakham bharta nahi aur dusra aane ki zidd karta hai.

2 Line Shayari, Ishq to bepanah hua

इश्क तो बेपनाह हुआ कसम से,
गलती बस ये हुई कि हुआ तुमसे।


तेरी याद ही तो एक ऐसी चीज है,
जो ना चाहते हुए भी आ ही जाती है।


दुआ करना दम भी इस तरह निकले,
जिस तरह तेरे दिल से हम निकले।


तुम भूल गए मुझे चलो अच्छा ही हुआ,
किसी एक की रातें तो सुकुन से गुजरे।


मुझे हीर रांझणा की कहानी मत सुना ..
ए-इश्क़, सीधे सीधे बोल मेरी जान चाहिए तुझे।


अच्छा हुआ तुम्हारी आँखों में ये आंसू ख़ुशी के है,
मुझे तो लगा तुम मुझसे बिछड़ के रोये हो।


वो रोई तो जरूर होगी खाली कागज़ देखकर,
ज़िन्दगी कैसी बीत रही है पूछा था उसने ख़त।


नहीं कोई जानकारी मेरे पास मौसम की,
बस इतना जानता हुँ, तेरी यादें तूफ़ान लाती है।


तय है बदलना, हर चीज़ बदलती है इस जहाँ में,
साहेब.. किसी का दिल बदल गया, किसी के दिन बदल गये।


तन्हाई की चादर औढकर रातों को नींद नहीं आती हमें..
साहब.. गुज़र जाती है हर रात किसीकी बातों को याद करते करते।

2 Line Shayari, Likhte hain sada

लिखते हैं सदा उन्हीं के लिए,
जिन्होंने हमें कभी पढ़ा ही नहीं।


दुआ करना दम भी उसी दिन निकले,
जिस दिन तेरे दिल से हम निकले।


मिला है सब कुछ तो फरियाद क्या करे,
दिल हो परेशान तो जजबात क्या करे।


तुम सोचते होगे की आज याद नहीं किया,
कभी भूले ही नहीं तो याद क्या करे।


लाखों अदाओं की अब जरुरत ही क्या है,
जब वो फ़िदा ही हमारी सादगी पर है।


दुआ करना दम भी उसी दिन निकले,
जिस दिन तेरे दिल से हम निकले।


मेरे अकेलेपन को मेरा शौख ना समझो यारो,
बड़े ही प्यार से तोहफा दिया है किसी चाहने वाले ने।


जिंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेंगे,
भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमें याद कर लिया।


कोई भी रिश्ता ना होने पर भी जो रिश्ता निभाता हैं
वो रिश्ता एक दिन दिल की गहराइयों को छू जाता हैं।


इरादा कत्ल का था तो मेरा सर कलम कर देते,
क्यू इश्क मे डाल कर तुने हर साँस पर मौत लिख दी।

Sad Shayari, Woh kareeb hi na aaye

Woh kareeb hi na aaye to izhaar kya karte,
Khud bane nishana to shikaar kya karte,
Mar gaye par khuli rakhi aankhein,
Is se zyada kisi ka intezar kya karte. 💔

वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते! 💔