Love Shayari, Ghar se bahar

घर से बाहर वो नक़ाब मे निकली,
सारी गली उनकी फिराक मे निकली,
इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से,
ओर हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली।

Ghar se bahar wo naqab me nikli,
Sari gali uske firaq me nikli,
Inkar karti thi wo hamari mohabbat se..
Aur hamari hi tasveer uske kitab se nikli..!!