Short Shayari, Tu Ghadi Bhar ke liye

तू घडी भर के लिए मेरी नज़रो के सामने आजा,
एक मुद्द्त से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा।


उसे रास ही ना आया मेरा साथ वरना,
मैं उसे जीते जी ख़ुदा बना देता।


लोग कहते हें.. वक्त किसी का गुलाम नही होता,
फिर क्युँ तेरी मुस्कुराहट पे ये थम सा जाता हे?


जितने वाला ही नहीं.. बल्कि ‘कहाँ पे क्या हारना है’
ये जानने वाला भी सिकंदर होता है।


हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ,
शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये।


यारों ख्वाबों मे कह देता हूँ.. जिनसे हर बात,
आज सामने आए तो.. अल्फाजो ने साथ छोड दिया मेरा।


अये मौत तुझे तो गले लगा लूँगा बस जरा तो ठहर,
है हसरत दिल की तुझसे पहले उसे गले लगाने की।


इश्क मोहब्बत की बातें कोई ना करना,
एक शख्स ने जी भर के हमे रुलाया जो है।


मेरे दिल की उम्मीदों का हौसला तो देखो,
इंतज़ार उसका है जिसे मेरा एहसास तक नहीं।


कदमो को रुकने का हुनर नहीं आया
सभी मंजिले निकल गयी पर घर नहीं आया।


एक चाहत थी आपके साथ जीने की,
वरना मोहब्बत तो किसी और से भी हो सकती थी।


काश दिल की आवाज़ में इतना असर हो जाए..
हम याद करें उनको और उन्हें ख़बर हो जाए।


मेरी मोहब्बत सच्ची है इसलिए तेरी याद आती है..
अगर तेरी बेवफाई सच्ची है तो अब याद मत आना।


लोग शोर से जाग जाते हैं साहब,
मुझे एक इंसान की ख़ामोशी सोने नही देती।

Short Shayari, Tu Ghadi Bhar ke liye