Sad Shayari, Fir teri charcha huyi

फिर तेरा चर्चा हुआ, आँखें हमारी नम हुई,
धड़कने फिर बढ़ गई, साँस फिर बेदम हुई,
चांदनी की रात थी, तारों का पहरा भी था,
इसलिए ही शायद गम की आतिशबाजी कम हुई|

Sad Shayari, Fir teri charcha huyi