Love Shayari, Phir se simtegi

फिर न सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
ज़िंदगी ज़ुल्फ़ नहीं जो फिर संवर जायेगी,
थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ये ज़िंदगी ठहरेगी नहीं जो गुज़र जायेगी।

Love Shayari, Phir se simtegi