Hindi Shayari, Nazar Nazar se milegi

नजर नजर से मिलेगी तो सर झुका लेगा,
वह बेवफा है मेरा इम्तिहान क्या लेगा,
उसे चिराग जलाने को मत कहा कीजे,
वह ना समझ है कहीं उंगलियां जला लेगा|

Hindi Shayari, Nazar Nazar se milegi