Hindi Shayari, Maa ki goud

जो मस्ती आंखों में है वो मदिरालय में नहीं,
अमीरी दिल की कोई महालय में नहीं,
शीतलता पाने के लिए कहा फिरता है मानव,
जो माँ की गोद में है वो तो हिमालय में नहीं !!