Hindi Shayari, Aaj mujhe phir

आज मुझे फिर इस बात का गुमान हो,
मस्जिद में भजन, मंदिरों में अज़ान हो,
खून का रंग फिर एक जैसा हो,
तुम मनाओ दिवाली, मैं कहूं रमजान हो।

Hindi Shayari, Aaj mujhe phir