Chhupi hai anginat chingariyan lafzon ke daman mein, Shayari

छुपी है अन-गिनत चिंगारियाँ लफ़्ज़ों के दामन में,
ज़रा पढ़ना ग़ज़ल की ये किताब आहिस्ता आहिस्ता,
मुकम्मल हो ही गयी आखिर, आज ज़िन्दगी की ग़ज़ल,
मेरे महबूब ने भी उसको पढ़कर, वाह-वाह बोला है। 💕

Chhupi hai anginat chingariyan lafzon ke daman mein, Shayari