2 Line Shayari, Kaisa sitam hai aapka ye

दो रास्ते जींदगी के दोस्ती और प्यार,
एक जाम से भरा दुसरा इल्जाम से।


ज़िन्दगी ने मर्ज़ का क्या खूब इलाज सुझाया,
वक्त को दवा बताया ख्वाहिशों से परहेज़ बताया।


थोङा ऐतबार करो मुझ पर दोस्त हूँ मैं,
कोई गैर नही मुहब्बत हुई है गुनाह तो नही।


अब जो रूठोगे तोह हार जाउंगी..
मानाने का हुनर भूल चुकी हु।


चलो उसका नही तो खुदा का एहसान लेते हैं,
वो मिन्नत से ना माना तो मन्नत से मांग लेते हैं।


कैसा सितम है आपका ये की रोने भी नही देता,
करीब आते नहीं और खुद से जुदा होने भी नहीं देता।


टूट जायेगी तुम्हारी ज़िद की आदत उस दिन,
जब पता चलेगा की याद करने वाला अब याद बन गया।


मोहब्बत खो गयी मेरी, बेवफ़ाई के दलदल में,
मगर इन पागल आँखो को, आज भी तेरी तलाश रहती है।


उसे कह दो कि वो किसी और से, मुहब्बत कि ना सोचें,
एक हम ही काफी है, उसे उम्र भर चाहने के लिए।


नज़र चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है प्यार करना,
क्या बताएं इस दिलका आलम, नसीब मैं लिखा है इंतज़ार करना।