Hindi Poems Poetry in Hindi

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Hot Poetry, Bheegi raat

Bheegi raat

Ek bhegi hui si raat mile,
Us raat me tera hath mile,

Tere lab se tapken jo bonde,
Unhe mere labon ka sath mile,

Kuch tum bi behke behke se,
Kuch mujh pe nasha sa tari ho,

Har pal me chaye madhoshi,
Ek aisi raat hamari ho,

Phir tum aao meri bahon me,
Main pyar karu tumhe ji bhar ke,

Tum mujhse thoda sharma jao,
Sharma k gale se lag jao,

Main jitna tumko pyar karu,
Tum itne hi betaab ho jao,

Hamein pyar k kuch lamhat mile,
Ek bhegi hui si raat mile!

Hot Poetry, Labon ki sarsarahat

Labon ki sarsarahat 💋

Labon ki sarsarahat se,
badan kr choor hone tak,

Main tujh ko is tarah chahoon,
Ke meri saans ruk jaye,

Khataon par khataain ho,
Na ho kuch baat kehne ko,

Main tujh main yoon sama jaau,
Ke meri saans ruk jaye,

Na himmat tujh main ho baqi,
Na himmat mujh main ho baqi,

Magar itna qareeb aaoun.
Ke meri saans ruk jaye.

Tere honton pe jab rakhoon.
Main apne hont kuch aise.

Ya teri PYAAS bujh jaye.
Ya meri saans ruk Jaye.

Hindi Poetry, Meetha Moti

मीठा मोती

पैर में से काँटा निकल जाए तो,
चलने में मज़ा आ जाता है,
और मन में से अहंकार निकल जाए तो,
जीवन जीने में मज़ा आ जाता है,
चलने वाले पैरों में कितना फर्क है,
एक आगे है तो एक पीछे,
पर ना तो आगे वाले को अभिमान है,
और ना पीछे वाले को अपमान,
क्योंकि उन्हें पता होता है,
कि पलभर में ये बदलने वाला है,
इसी को जिन्दगी कहते है।

💖🙏 खुश रहिये मुस्कुराते रहिये 🙏💖

Hindi Poetry, Koi achchi si saza

Koi achchi si SAZA

Koi achchi si SAZA do mujhko,
Chalo aisa karo BHULLA do mujhko,

Apne DIL me basi TASVIR meri,
Aisa karo JALA do usko,

Meri WAFA pe agar SHAK hai tumko,
Tu phir NAZAR se gira do mujh ko,

Muddat hogai hai tere HIJR me jagte howe,
Apni sanso ki HARARAT se sula do mujhko,

Kuch tu TARAS karo apne DIWANE per,
JAAM na sahi ZEHER hi pila do mujhko,

Tum se bichron tu MAUT aa jai mujhko,
Dil ki Gehrayon se aisi DUA do mujhko.

Sad Shayari, Roti hui aankho me

Roti hui aankho me intezar hota hai,
Na chahte hue hai bhi pyar hota hai,
Kyun dekhte hai hum wo sapne..
Jinke tutne par bhi unke such hone ka intezar hota hai. 💔

रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी प्यार होता है,
क्यू देखते है हम वो सपने..
जिनके टूटने पर भी उनके सच होने का इंतेज़ार होता है। 💔

Hindi Poetry, Anubhav kehta hai

अनुभव कहता है
खामोशियाँ ही बेहतर हैं,
शब्दों से लोग रूठते बहुत हैं..

जिंदगी गुजर गयी..
सबको खुश करने में..

जो खुश हुए वो अपने नहीं थे,
जो अपने थे वो कभी खुश नहीं हुए..

कितना भी समेट लो..
हाथों से फिसलता ज़रूर है..

ये वक्त है साहब..
बदलता ज़रूर है..
🙏🌺🙏

Hindi Poetry, Mere dudh ka karz

मेरे दूध का कर्ज़

मेरे दूध का कर्ज़ मेरे ही खून से चुकाते हो,
कुछ इस तरह तुम अपना पौरुष दिखाते हो,
दूध पीकर मेरा तुम इस दूध को ही लजाते हो,
वाह रे पौरुष तेरा तुम खुद को पुरुष कहाते हो,
हर वक्त मेरे सीने पर नज़र तुम जमाते हो,
इस सीने में छुपी ममता क्यों देख नहीं पाते हो,
इक औरत ने जन्मा, पाला-पोसा है तुम्हें,
बड़े होकर ये बात क्यों भूल जाते हो,
तेरे हर एक आँसू पर हज़ार खुशियाँ कुर्बान कर देती हूँ मैं,
क्यों तुम मेरे हजार आँसू भी नहीं देख पाते हो,
हवस की खातिर आदमी होकर क्यों नर पिशाच बन जाते हो,
हमें मर्यादा सिखाने वालों तुम अपनी मर्यादा क्यों भूल जाते हो,
हमें मर्यादा सिखाने वालों तुम अपनी मर्यादा क्यों भूल जाते हो।

Love Poetry, Thukrao ya pyar karo

​ठुकराओ या प्यार करो​

​​ठुकराओ या अब के प्यार करो​,
मैं नशे में हूँ​..
​जो चाहो मेरे यार करो​,
​मैं नशे में हूँ..
​अब भी दिला रहा हूँ यकीन-ऐ-वफ़ा मगर​,
​मेरा ना एतबार करो​,
​मैं नशे में हूँ..
​गिरने दो तुम मुझे, मेरा साग़र संभाल लो​,
​इतना तो मेरे यार करो​,
​मैं नशे में हूँ..
​मुझको कदम-कदम पे भटकने दो वाइज़ों​,
​तुम अपना कारोबार करो,​
​मैं नशे में हूँ..
​फ़िर बेखुदी में हद से गुज़रने लगा हूँ मैं​,
​इतना ना मुझसे प्यार करो,​
​मैं नशे में हूँ।।

Hindi Poetry, Govardhan ki roti

गोवर्धन

गोवर्धन की रोटी, बरसाने की दाल।
छप्पन भोग में भी नही ऐसा कमाल।

गोवर्धन का आचार।
बदल देता है विचार।

गोवर्धन का पानी।
शुद करे वाणी।

गोवर्धन के फल और फूल।
उतार देती है जन्मों -जन्मों की घूल।

गोवर्धन की छाया।
बदल देती है काया।

गोवर्धन का रायता।
मिलती है चारों और से सहायता।

गोवर्धन के आम।
नई सुबह नई शाम।

गोवर्धन का हलवा।
दिखाता है जलवा।

गोवर्धन की सेवा।
मिलता है मिश्री और मेवा।

मानसीगंगा का स्नान।
चारों धाम के तीर्थ के समान।

गोवर्धन को जो सजाऐ।
उस का कुल् सवर जाये।

गोवर्धन का जो सवाली।
उसकी हर दिन होली हर रात दीवाली।।

बोलो गोवर्धन नाथ की जय

Hindi Potery, Jab uski dhun me

उसकी धुन

जब उसकी धुन में रहा करते थे,
हम भी चुप चुप जिया करते थे
लोग आते थे गजल सुंनाने,
हम उसकी बात किया करते थे
घर की दीवार सजाने के खातिर,
हम उसका नाम लिखा करते थे,
कल उसको देख कर याद आया हमे,
हम भी कभी मोहब्बत किया करते थे,
लोग मुझे देख कर उसका नाम लिया करते थे।