Hindi Poems Poetry (New Shayari)

Hindi Poems Poetry


Sad Poem, In aankho me aansu

In aankho me aansu aaye na hote,
Tum jo peeche mud kar muskuraye na hote,
Chale gaye zindagi se yun kuch bhi na bolkar,
Keh dete to yun sapne sajaye na hote,
Sau aansuon ke badle mujhe khushi hi de dete,
Jo aaj yun gham ke baadal chhaye na hote,
Gar hota pata mohabbat ki raho me, aise bhi mod aayenge,
To humne chahkar bhi kabhi yeh raste apnaaye na hote,
Mere ashko ko tumne mehez paani karaar de diya,
Pata hota to aaj yun motiyon ke sailaab bahaye na hote,
Tumhare jaane ke baad pal-pal ye gham hota hai,
Ki meri zindagi me kaash tum kabhi aaye na hote.

Love Poem, Ye Dil kisi ko pana

Ye Dil Kisi ko pana chahta hai,
Aur ushe apna bnana chahta hai..
Khud to chahta hai khusi se dhadkna,
Uska dil bhi dhadkana chahta hai..
Jo hasi kho gayi thi barso pehle kahin,
Fir ushe labo pe sajana chahta hai..
Tayyar hai pyar me sath chalne ke liye,
Uske har gum ko apnana chahta hai..
Mohabbat to ho hi gayi hai ab to, pr,
Ab ushi se hi chhipana chahta hai..
Ye dil ab kisi ko pana chahta hai,
Aur ushe sirf apna bnana chahta hai..

ये दिल किसी को पाना चाहता है,
और उसे अपना बनाना चाहता है।
खुद तो चाहता है ख़ुशी से धड़कना,
उसका दिल भी धड़काना चाहता है।
जो हँसी खो गई थी बरसों पहले कहीं,
फिर उसे लबों पर सजाना चाहता है।
तैयार है प्यार में साथ चलने के लिए,
उसके हर गम को अपनाना चाहता है।
मोहब्बत तो हो ही गई है अब तो.. पर,
अब उसी से ही ये छिपाना चाहता है।
ये दिल अब किसी को पाना चाहता है,
और उसे सिर्फ अपना बनाना चाहता है।।

Sad Shayari, Dukh dekar sawal karte ho

दुःख देकर सवाल करते हो,
तुम भी जानम कमाल करते हो,

देख कर पूछ लिया हाल मेरा,
चलो कुछ तो ख्याल करते हो,

शहर-ए दिल में ये उदासियाँ कैसी,
ये भी मुझसे सवाल करते हो,

मरना चाहें तो मर नहीं सकते,
तुम भी जीना मुहाल करते हो,

अब किस-किस की मिसाल दूँ तुम को,
हर सितम बे-मिसाल करते हो। -मिरजा गालि़ब साहब

HIndi Poem, Tere libas se mohabbat

Tere libas se mohabbat ki hai,
tere ehsas se mohabbat ki hai,
tu mere paas nahi fir bhi,
maine teri yaad se mohabbat ki hai,
kabhi tune bhi mujhe yaad kiya hoga,
maine un lamho se mohabbat ki hai,
jinme ho sirf teri aur meri baatein,
maine un alfaaz se mohabbat ki hai,
jo mahkate ho teri mohabbat se,
maine un jazbat se mohabbat ki hai,
aaoge kab wapis meri jaan,
maine tere intezaar se mohabbat ki hai!

तेरे लिबास से मोहब्बत की है,
तेरे एहसास से मोहब्बत की है,
तू मेरे पास नहीं फिर भी,
मैंने तेरी याद से मोहब्बत की है,
कभी तू ने भी मुझे याद किया होगाी,
मैंने उन लम्हों से मोहब्बत की है,
जिन में हो सिर्फ तेरी और मेरी बातें,
मैंने उन अल्फाज से मोहब्बत की है,
जो महकते हो तेरी मोहब्बत से,
मैंने उन जज्बात से मोहब्बत की है,
तुझ से मिलना तो अब एक ख्वाब लगता है,
इसलिए मैंने तेरे इंतजार से मोहब्बत की है.

Hindi Poem, Tamanna chodh dete

तमन्ना छोड़ देते हैं, इरादा छोड़ देते हैं,
चलो एक दूसरे को फिर से आधा छोड़ देते हैं,
उधर आँखों में मंज़र आज भी वैसे का वैसा है,
इधर हम भी निगाहों को तरसता छोड़ देते हैं,
हमीं ने अपनी आँखों से समन्दर तक निचोड़े हैं,
हमीं अब आजकल दरिया को प्यासा छोड़ देते हैं,
हमारा क़त्ल होता है, मुहब्बत की कहानी में,
या यूँ कह लो के हम क़ातिल को ज़िंदा छोड़ देते हैं,
हमीं शायर हैं, हम ही तो ग़ज़ल के शाहजादे हैं,
तआरुफ़ इतना देकर बाक़ी मिसरा छोड़ देते हैं।

Hindi Shayari Poem, Mehnat se utha hoon

Mehnat se utha hoon, mehnat ka dard jaanta hoon,
aashma se jyada, zami ki kdra jaanta hoon,

Lacheela ped tha jo jhel gaya aandhiya,
main magroor darakhton ka hashra jaanta hoon,

Chote se bada banana aashan nahi hota,
zindagi mein kitna zaroori hai sabra jaanta hoon,

Mehnat badhi to kishmat bhi badh chali,
chhalon me chipee lakeeron ka asar jaanata hoon,

Bewaqt, be wajah, be hisab mushkura deta hoon,
aadhe dushmano ko to yun hi hara deta hoon,

Kafi kuch paaya par apna kuch nahi maana,
Kyunki ek din raakh main milna hai me ye jaanta hoon!

मेहनत से उठा हूँ, मेहनत का दर्द जानता हूँ,
आसमाँ से ज्यादा जमीं की कद्र जानता हूँ।

लचीला पेड़ था जो झेल गया आँधिया,
मैं मगरूर दरख्तों का हश्र जानता हूँ।

छोटे से बडा बनना आसाँ नहीं होता,
जिन्दगी में कितना जरुरी है सब्र जानता हूँ।

मेहनत बढ़ी तो किस्मत भी बढ़ चली,
छालों में छिपी लकीरों का असर जानता हूँ।

बेवक़्त, बेवजह, बेहिसाब मुस्कुरा देता हूँ,
आधे दुश्मनो को तो यूँ ही हरा देता हूँ!!

काफी कुछ पाया पर अपना कुछ नहीं माना,
क्योंकि एक दिन राख में मिलना है ये जानता हूँ।

Dosti Shayari, Haan thodha thak gaya hu

सभी मित्रों को समर्पित

हाँ थोड़ा थक गया हूँ दूर निकलना छोड दिया,
पर ऐसा नही की मैंने चलना छोड़ दिया।

फासले अक्सर रिश्तो में दूरी बढ़ा देते है,
पर ये नही की मैंने दोस्तों से मिलना छोड दिया।

हां जरा अकेला हूँ दुनिया की भीड मे,
पर ऐसा नही है कि मैंने दोस्ताना छोड दिया।

याद तुम्हें करता हूं दोस्तों और परवाह भी,
बस कितनी करता हूं ये बताना छोड़ दिया।। 👬

Poem, Ek Kavita har rishte ke liye

ये सुन्दर कविता.. हर रिश्ते के लिए

मैं रूठा, तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन!

आज दरार है, कल खाई होगी
फिर भरेगा कौन!

मैं चुप, तुम भी चुप
इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन!

बात छोटी को लगा लोगे दिल से,
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन!

दुखी मैं भी और तुम भी बिछड़कर,
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन!

न मैं राजी, न तुम राजी,
फिर माफ़ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन!

डूब जाएगा यादों में दिल कभी,
तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन!

एक अहम् मेरे, एक तेरे भीतर भी,
इस अहम् को फिर हराएगा कौन!

ज़िंदगी किसको मिली है सदा के लिए
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन!

मूंद ली दोनों में से गर किसी दिन एक ने आँखें..
तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन!!

Hindi Poem, Jhank rahe hain sab

झाँक रहे है इधर उधर सब।
अपने अंदर झांकें कौन?

ढ़ूंढ़ रहे दुनियाँ में कमियां।
अपने मन में ताके कौन?

सबके भीतर दर्द छुपा है।
उसको अब ललकारे कौन?

दुनियाँ सुधरे सब चिल्लाते।
खुद को आज सुधारे कौन?

पर उपदेश कुशल बहुतेरे।
खुद पर आज विचारे कौन?

हम सुधरें तो जग सुधरेगा
यह सीधी बात उतारे कौन?

Hindi Shayari Poem, Pehli Nazar me

पेहली नज़र में भी प्यार होता है
दिल का चैन अक्सर यूँ ही खोता है
अनजानी आँखे जब किसी पे रुक जाती है
अक्सर दिल के अंदर वोह झाँक जाती है
धड़कने यूँ ही दिल की बढ़ जाती है
भीड़ में भी तब किसी की याद सताती है
चैन दिल का खो जाता है
बस एक वही चेहरा याद आता है
दिल का एक अनकहा रिश्ता दिल से जुड़ जाता है
पेहली नज़र में जब प्यार हो जाता है
एक पल मे अजनबी दिल का मलिक बन जाता है
आँखे बस वोह अजनबी आँखे ढूंढ़ती है
पिया से मिलने का बस वोह बहना ढूंढ़ती है
जिया को सुकून तब आता है
जब आँखो के सामने उनका चेहरा आता है
दिल से दिल का बस एक रिश्ता जुड़ जाता है