Dosti Shayari, Haan thodha thak gaya hu

सभी मित्रों को समर्पित

हाँ थोड़ा थक गया हूँ दूर निकलना छोड दिया,
पर ऐसा नही की मैंने चलना छोड़ दिया।
फासले अक्सर रिश्तो में दूरी बढ़ा देते है,
पर ये नही की मैंने दोस्तों से मिलना छोड दिया।
हां जरा अकेला हूँ दुनिया की भीड मे,
पर ऐसा नही है कि मैंने दोस्ताना छोड दिया।
याद तुम्हें करता हूं दोस्तों और परवाह भी,
बस कितनी करता हूं ये बताना छोड़ दिया।। 👬