Bewafa Shayari, Woh bewafa hamara

Woh bewafa hamara imtihaan kya legi,
Milengi nazron se nazar toh nazar jhuka legi,
Use meri kabar p diya jalane ko math kehna,
Woh nadaan hain doston apna haath jala legi!

वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी,
मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी,
उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना,
वो नादान है यारो.. अपना हाथ जला लेगी।