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Love Shayari, Mohabbat ki zanjeer

Mohabbat Ki Zanjeer Se Dar Lagta Hai
Kuch Apni Taqdeer Se Dar Lagta Hai
Jo Mujhe Tujh Se Juda Karti Hai,
Haath Ki Uss Lakeer Se Dar Lagta hai. 😔

मोहब्बत कि ज़ंज़ीर से डर लगता हे,
कुछ अपनी तफलीक से डर लगता हे,
जो मुझे तुजसे जुदा करते हे,
हाथ कि वो लकीरो से डर लगता हे। 😔

Love Shayari, Pehli mohabbat thi

Pehli mohabbat thi meri hum jaan na sake,
Pyar kya hota hain wo pehchan na sake,
Humne unhe dil me basaya hai iss kadar ki,
Jab bhi chaha dil se hum usse nikal na sake. 💝

पहली मोहब्बत मेरी हम जान न सके,
प्यार क्या होता है हम पहचान न सके,
हमने उन्हें दिल में बसा लिया इस कदर कि,
जब चाहा उन्हें दिल से निकाल न सके। 💝

Love Shayari, Mohabbat mujhe thi

Mohabbat Mujhe Thi Usi Se Sanam,
Yaadon Mein Uski Yeh Dil Tadpta Raha,
Maut Bhi Meri Chahat Ko Rok Na Saki,
Kabr Mein Bhi Yeh Dil Dhadkta Raha. 💖

मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम,
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा,
मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी,
कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा। 💖

2 Line Shayari, Mohabbat ki saza

Mohabbat ki saza bemisal di usne,
Har pal udas rahne ki aadat daal di usne.


Raah chalte girta to khud uth jaata,
Mohabbat me gira huu ab to Khuda hi uthayega.


Yaad aate hain to kuch b nahi karne dete,
Aache logon ki yehi baat burri lagti hai.


Logo ne roz kuch naya maanga khuda se,
Ek hum hi tere khayal se aage nahi gaye.


Mat pucho kese guzarta hai har pal tere bina,
Kabhi baat karne ki hasrat kabhi dhekne ki tamnna.


Kabhi seene se lag kar sun wo dhadkan,
Jo har pal tere sath jeene ka zidd karti hai.


Be khabar bhi rehte ho aur khabar bhi rakhte ho,
Baat bhi nahi karte aur pyar bhi karte ho.


Yu meri najdikiyaa jo badh gai gairo se galib,
Naseeb esa tha ki duriyaa mohabbat se hi hogi.


Log padh lete hain meri ankho se tere pyar ki shidat,
Mujh se ab aur tere ishq ki hifazat nahi hoti.


Zindagi guzar rehi hai imtihano ke dour se,
Ek zakham bharta nahi aur dusra aane ki zidd karta hai.

2 Line Shayari, Mohabbat use bhi bahut hai

मोहब्बत उसे भी बहुत है मुझसे
जिंदगी.. सारी इस वहम ने ले ली।


मरहम की ज़रूरत नहीं है मुझको,
जख्म देखकर कम से कम हाल तो पूछ लिया करो।


मैंने दरवाज़े पे ताला भी लगा कर देखा है,
ग़म फिर भी समझ जाते है की मैं घर में हूँ।


तेरी याद क्यों आती है, ये मालूम नहीं,
लेकिन जब भी आती है बहुत अच्छा लगता है।


उम्र तक कट गयी लोगों को मनाते हुए,
अब इरादा सबसे रूठ जाने का है।


चुन चुन के दे रहे है दर्द यूँ दुनिया वाले,
गिन गिनके जैसे ली हो ख़ुशी हर किसीसे हमने।


जब जब आपके ख़ास लोग दूर होने लगे,
समझ लेना की उनकी जरूरतें पूरी हो चुकी है।


ना जाने कौन सा नमक है इन आँखों के पानी में,
बरसती तो चेहरे से है और जलन दिल में होती है।


वो दर्द ही क्या जो जबान से अदा हो,
दर्द तो वो होता है जो जबान को खुलने ही ना दे।


मैंने दो तरह के लोगों से धोखा खाया है,
एक जो मेरे अपने थे और दुसरे वो जो मेरे बहुत अपने थे।

2 Line Shayari, Ek dana mohabbat ka

एक दाना मोहब्बत का क्या बोया मैंने,
सारी फसल ही दर्द की काटनी पड़ी मुझे।


परदा तो होश वालों से किया जाता है हुज़ूर,
तुम बे-नक़ाब चले आओ हम तो नशे में हैं।


अंजान अगर हो तो गुज़र क्यूँ नहीं जाते,
पहचान रहे हो तो ठहर क्यूँ नहीं जाते।


मैं मर जाऊं तो रोना मत.. बस ज़रा सा,
मुस्कुरा दोगे तो मुझे सुकून मिल जाएगा।


एहसास ना रहे तो रिश्तों को तोड़ देना बेहतर है,
ताल्लुक़ जब तकल्लुफ़ बन जाए तो बोझ सा लगता है।


एक पहर भी नहीं गुज़रा तुझसे रुखसत होकर,
और यूँ लग रहा है कि जैसे सदियां गुज़र गई।


वो शख्स मेरे हर किस्से कहानी में आया,
जो मेरा हिस्सा होकर भी मेरे हिस्से ना आया।


मुझे कुछ भी नहीं कहना फ़क़त इतनी गुज़ारिश है,
बस उतनी बार मिल जाओ के जितना याद आते हो।


नजर अंदाज ही करना चाहते हो तो हट जाते है नजर से,
एक दिन इन्हीं नज़रों से ढूंढोगे जब हम नजर नहीं आयेंगे।


गम की उलझी हुई लकीरों में अपनी तक़दीर देख लेता हूँ,
आईना देखना तो दूर रहा बस तेरी तस्वीर देख लेता हूँ।

2 Line Shayari, Unse mohabbat aur

उससे मोहब्बत और भी बढ़ गयी,
जबसे पता चला है कि हमारा साथ हमेशा नहीं रहेगा।


इबादतखानो में क्या ढूंढते हो मुझे,
मैं वहाँ भी हूँ, जहाँ तुम गुनाह करते हो।


ये कभी मत कहना की वक्त मेरी मुठ्ठी में कैद है,
मैंने बरसों की मोहब्बत को पल में टूटते देखा है।


कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है,
सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है।


अगर रातों को जागने से होती ग़मों में कमी,
तो मेरे दामन में खुशियों के सिवा कुछ नहीं होता।


अंदर.. कोई झांके तो टुकड़ो में मिलेंगे,
यह हंसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है।


मेरी तक़दीर संवर जाती उजालों की तरह,
आप मुझे चाहते अगर चाहने वालों की तरह।


साँसे तो हम.. बस दिखाने के लिए लेते हैं,
वरना ज़िन्दगी तो.. हमारी तुम ही हो।


मैं याद तो हूँ उसे पर ज़रूरत के हिसाब से,
लगता है मेरी हैसियत भी कुछ नमक जैसी है।


तोड़ेंगे गुरुर इश्क का और इस कदर सुधर जायेंगे,
खडी रहेगी मोहब्बत रास्ते पर हम सामने से गुजर जायेंगे।

2 Line Shayari, Do kush mohabbat ke

दो कश मोहब्बत के क्या लिये,
जिंदगी ही धुँआ धुँआ हो गई।


यादें बनकर जो रहते हो साथ मेरे..
तेरे इतने अहसान का सौ बार शुक्रिया।


शायरी समझते हो जिसे तुम सब,
वो मेरी किसी से अधूरी मुलाकात है।


तुने तो रुला के रख दिया ए-जिन्दगी​,
जा कर पूछ मेरी माँ से ​ कितने लाडले थे हम।


प्यार करना सिखा है नफरतो का कोई ठौर नही,
बस तु ही तु है इस दिल मे दूसरा कोई और नही।


पास आने की ख्वाइशें तो बहुत थी मगर,
पास आकर पता चला मोहब्बत फासलों में है।


सब कुछ वैसा ही है कुछ नही बदला,
बदला है तो बस नजरिया एक दूसरे को देखने का।


तेरे लहजे में लाख मिठास सही मगर,
मुझे जहर लगता है तेरा औरों से बात करना।


तुम्हें पा लेते तो किस्सा इसी जन्म में खत्म हो जाता,
तुम्हे खोया है तो, यकीनन कहानी लम्बी चलेगी।


खुद हैरान हूँ मैं, अपने सब्र का, पैमाना देख कर,
तूने कभी याद ना किया, और मैंने कभी इन्तजार नहीं छोड़ा।

2 Line Shayari, Badhi ajeeb hai ye mohabbat

बड़ी अजीब है ये मोहब्बत..
वरना अभी उम्र ही क्या थी शायरी करने की।


कोई तो आ के रुला दे कि हँस रहें हैं,
बहुत दिनों से ख़ुशी को तरस रहें हैं।


तेरा आधे मन से मुझको मिलने आना,
खुदा कसम मुझे पूरा तोड़ देता है।


‪धड़कनो मे बस्ते है कुछ लोग,
जबान पे नाम लाना जरूरी नही होता।


उसकी याद आयी है सांसो जरा अहिस्ता चलो,
धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ता है।


मेरी रूह गुलाम हो गई है तेरे इश्क़ में शायद,
वरना यूँ छटपटाना मेरी आदत तो ना थी।


शर्म नहीं आती उदासी को जरा भी,
मुद्दतों से मेरे घर की महेमान बनी हुई है।


मैं शिकायत क्यों करूँ, ये तो क़िस्मत की बात है,
तेरी सोच में भी मैं नहीं, मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ तू याद है।


काश.. बनाने वाले ने थोड़ी-सी होशियारी और दिखाई होती,
इंसान थोड़े कम और इंसानियत ज्यादा बनाई होती।


‪रोता वही है जिसने महसूस किया हो सच्चे रिश्ते को,
वरना मतलब के रिश्तें रखने वाले को तो कोई भी नही रूला सकता।

HIndi Poem, Tere libas se mohabbat

Tere libas se mohabbat ki hai,
tere ehsas se mohabbat ki hai,
tu mere paas nahi fir bhi,
maine teri yaad se mohabbat ki hai,
kabhi tune bhi mujhe yaad kiya hoga,
maine un lamho se mohabbat ki hai,
jinme ho sirf teri aur meri baatein,
maine un alfaaz se mohabbat ki hai,
jo mahkate ho teri mohabbat se,
maine un jazbat se mohabbat ki hai,
aaoge kab wapis meri jaan,
maine tere intezaar se mohabbat ki hai!

तेरे लिबास से मोहब्बत की है,
तेरे एहसास से मोहब्बत की है,
तू मेरे पास नहीं फिर भी,
मैंने तेरी याद से मोहब्बत की है,
कभी तू ने भी मुझे याद किया होगाी,
मैंने उन लम्हों से मोहब्बत की है,
जिन में हो सिर्फ तेरी और मेरी बातें,
मैंने उन अल्फाज से मोहब्बत की है,
जो महकते हो तेरी मोहब्बत से,
मैंने उन जज्बात से मोहब्बत की है,
तुझ से मिलना तो अब एक ख्वाब लगता है,
इसलिए मैंने तेरे इंतजार से मोहब्बत की है.