Bewafa Shayari, Hum To Jee Rahe The Unka Naam Lekar

Hum To Jee Rahe The Unka Naam Lekar,
Wo Guzarate The Hmara Salam Lekar,
Kal Wo Keh Gaye Bhula Do Humko,
Humne Pucha Kaise?
Wo Chale Gaye Hatho Mein Jaam Dekar! 🥃 💔

हम तो जी रहे थे उनका नाम लेकर,
वो गुज़रते थे हमारा सलाम लेकर,
कल वो कह गये भुला दो हुमको,
हमने पुछा कैसे..
वो चले गये हाथो मे जाम देकर! 🥃 💔

Bewafa Shayari, Chand ka kya kasur agar raat bewafa nikali

Chand ka kya kasur agar raat bewafa nikali,
Kuch pal thahri phir chal nikali,
Unse kya kahe vo to sache the,
Sayad hamari takdir hi humse khafa nikali! 😔 💔

चाँद का क्या कसूर अगर रात बेवफा निकली,
कुछ पल ठहरी और फिर चल निकली,
उन से क्या कहे वो तो सच्चे थे शायद,
हमारी तकदीर ही हमसे खफा निकली! 😔 💔

Bewafa Shayari, Woh Bewafa Hamara Imtehan Kya Legi

Woh bewafa hamara imtehan kya legi,
Milengi nazron se nazar toh nazar jhuka legi,
Use meri kabar par diya mat jalane dena,
Woh nadaan hain doston.. apna haath jala legi! 💔

वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी,
मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी,
उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना,
वो नादान है यारो.. अपना हाथ जला लेगी! 💔

2 Line Shayari #196, Mein nahi hu bewafa

मै नहीं हूँ बेवफ़ा मेरा ऐतवार कर ले,
दे दे मुझे मौत या फिर प्यार कर ले।

तेरी मोहब्बत मे एक बात सीखी है,
तेरे साथ के बिना ये सारी दुनिया फीकी है। 💜

कुछ इस कदर तुमसे मेरी निग़ाह मिल गई,
भटके राही को जैसे जन्नत की राह मिल गई।🌹

जो कुछ भी हूं, पर यार, गुनहगार नहीं हूं,
दहलीज हूं, दरवाजा हूं, पर मैं दीवार नहीं हूं। 🙏 🙂

सो जाऊ या तेरी याद में खो जाऊ,
ये फैसला भी नहीं होता और सुबह हो जाती है। 🌹

लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता,
शायद उन लोगों को दोस्त कोई तुम-सा नहीं मिलता।

तुम्हें किसी और की तकदीर में कैसे जाने दूं,
मेरा वश चले तो, तुम्हें किसी के सपनों में भी ना आने दूं। ❣

​दर्द की वजह बहुत बड़ी नहीं बस इतनी सी है,
​बेहद करीब था एक शख्स जो अब कहीं नजर नहीं आता। 🎭

याद आयेगी हर रोज, मगर तुझे आवाज न दूंगा,
लिखूंगा तेरे ही लिये हर लब्ज़ मगर तेरा नाम न लूंगा। 💕 💔

मुझे तो आज पता चला की मैं किस कदर तन्हा हूँ,
पीछे जब भी मुड़ कर देखूं तो मेरा साया भी मुँह फेर लेता है।

Bewafa Shayari, Wo Paani Ki Lahro Par Kya Likh

Wo Paani Ki Lahro Par Kya Likh Raha Tha,
Khuda Jane Harf-E-Dua Likh Raha Tha,
Mahobat Me Mili Thi Nafrat Use Bhi Shayad,
Is Liye Har Sakhas Ko Shayad Bewafa Likh Raha Tha!

वो पानी की लहरों पे क्या लिख रहा था,
खुदा जाने वो क्या लिख रहा था,
महोब्बत में मिली थी नफरत उसे भी शायद,
इसलिए हर शख्स को शायद बेवफा लिख रहा था।

Bewafa Shayari, Wo keh kar gai thi

Wo kah kar gai thi ki lautkar aaungi,
Mein intajaar na karata to kya karta,
Wo jhooth bhi bol rahi thi bade salike se,
Main etabar na karta to kya karta.

वो कह कर गई थी कि लौटकर आऊँगी,
मैं इंतजार ना करता तो क्या करता,
वो झूठ भी बोल रही थी बड़े सलीके से,
मैं एतबार ना करता तो क्या क्या करता।

Bewafa Shayari, Aag dil me lagi

Aag Dil Me Lagi Jab Wo khafa Hue,
Mehsoos hua Tab, Jab Wo Juda Hue,
Kar Ke Wafa Kuch De Na Sake Wo,
Per Bahut Kuch De Gaye Jab Wo Bewafa Hue.

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए।

Bewafa Shayari, Do dilo ki dhadkano me

Do Dilo Ki Dhadkano Me Ek Saaz Hota Hai,
Sab Ko Apni Apni Mohobbat Pe Naaz Hota Hai,
Us Me Se Har Ek Bewafa Nahi Hota,
Us Ki Bewafai Ke Peeche Bhi Koi Raaz Hota Hai.

दो दिलों की धड़कनों में एक साज़ होता है,
सबको अपनी-अपनी मोहब्बत पर नाज़ होता है,
उसमें से हर एक बेवफा नहीं होता,
उसकी बेवफ़ाई के पीछे भी कोई राज होता है!

Bewafa Shayari, Ek din jab hua pyar

Ek din jab hua pyar ka ahasaas unhe,
Wo saara din aakar hamare paas rote rahe,
Aur ham bhi itane khud garz nikale yaaron ki,
Aankhe band kar ke kafan mein sote rahe.

एक दिन जब हुआ प्यार का अहसास उन्हें,
वो सारा दिन आकर हमारे पास रोते रहे,
और हम भी इतने खुद गर्ज़ निकले यारों कि,
आँखे बंद कर के कफ़न में सोते रहे।

Bewafa Shayari, Pyar woh hum ko

Pyar woh hum ko bepanah kar gaye
Phir zindgi mein hum ko tanha kar gaye
Chahat thi unke ishq mein Fanaah hone ki
Par woh laut kar aane ko bhi mana kar gaye.

प्यार वो हम को बेपनाह कर गये,
फिर ज़िन्दगी में हम को तन्नहा कर गये,
चाहत थी उनके इश्क में फ़नाह होने की,
पर वो लौट कर आने को भी मना कर गये।

Bewafa Shayari, Wo keh kar gai thi

Wo kah kar gai thi ki lautkar aaungi,
Mein intajaar na karata to kya karta,
Wo jhooth bhi bol rahi thi bade salike se,
Main etabar na karta to kya karta.

वो कह कर गई थी कि लौटकर आऊँगी,
मैं इंतजार ना करता तो क्या करता,
वो झूठ भी बोल रही थी बड़े सलीके से,
मैं एतबार ना करता तो क्या करता।

Bewafa Shayai, Aaj hum unhe bewafa

Aaj hum unhe bewafa bata kar aaye hai,
Unke khaton ko pani mein bahakar aaye hai,
Koi nikal kar paadh na le unhe,
Isliye pani mein bhi aag lagake aaye hai.

आज हम उनको बेवफा बताकर आए है,
उनके खतो को पानी में बहाकर आए है,
कोई निकाल न ले उन्हें पानी से..
इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है।

Bewafa Shayari, Woh bewafa hamara

Woh bewafa hamara imtihaan kya legi,
Milengi nazron se nazar toh nazar jhuka legi,
Use meri kabar p diya jalane ko math kehna,
Woh nadaan hain doston apna haath jala legi!

वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी,
मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी,
उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना,
वो नादान है यारो.. अपना हाथ जला लेगी।

Bewafa Shayari, Kabhi usne bhi hume

Kabhi usne bhi hume chahat ka paigam likha tha,
Sab kuch usne apna humare naam likha tha,
Suna hai aaj unko humare jikar se bhi nafrat hai,
Jisne kbhi apne dil par humara naam likha tha.

कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था,
सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था,
सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है,
जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था। 🍂

Love Shayari, Wafa ki zanjeer

Wafa ki zanjeer se dar lagata hai,
kuchh apni taqadeer se dar lagata hai.
jo mujhe tujhase juda karti hai,
haath ki us lakeer se dar lagata hai!

वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है.
जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से डर लगता है!