Mujh Par Sitam Dhha Gaye, Shayari

Mujh Par Sitam Dhha Gaye Meri Hi Ghazal Ke Sher,
Parh-Parh Ke Kho Rahe Hain Woh Ghair Ke Khayal Mein. 💔

मुझ पर सितम ढहा गए मेरी ही ग़ज़ल के शेर,
पढ़-पढ़ के खो रहे हैं वो गैर के ख्याल में। 💔

Sitam sah kar bhi kitne gam chhipaye humne, Shayari

Sitam sah kar bhi kitne gam chhipaye humne,
Teri khatir har din aansu bahaaye humne,
Tu chhod gaya jahan humein raahon mein akela,
Tere diye zakhm har ek se chhupaye humne. 💔

हर सितम सह कर कितने ग़म छिपाये हमने,
तेरी खातिर हर दिन आँसू बहाये हमने,
तू छोड़ गया जहाँ हमें राहों में अकेला,
बस तेरे दिए ज़ख्म हर एक से छिपाए हमने। 💔

Dard Shayari, Wo raat behad dard or sitam ki raat hogi

Wo raat behad dard or sitam ki raat hogi,
Jis raat ruksat uski baraat hogi,
Toot jaati hai meri neend hamesha ye sochkar,
Ki kisi aur ki baahon mein meri poori kaaynaat hogi !!

वो रात दर्द और सितम की रात होगी,
जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी,
उठ जाता हु मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,
के एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी.

Life Shayari, Zindagi hamari yu sitam ho gayi

Zindagi hamari yu sitam ho gayi,
Khushi na jane kha dafan ho gayi,
Likhi khuda ne mohabbat sabki takdeer mein,
Hamari bari aayi to shyahi khatam ho gayi.

जिंदगी हमारी युं सितम हो गई
खुशी ना जानें कहा दफन हो गई,
लिखी खुदा ने मुहब्बत सबकी तकदीर में,
हमारी बारी आई तो स्याही खत्म हो गई.

Hindi Shayari, Hami ne kiye ham pe sitam

Hami ne kiye.. ham pe jo sitam huye,
uske sitam to sare marham huye,
apni hi zid thi jo ham-ham huye,
bas kher.. thodhe kam huye!

हमीं ने किये.. हम पे जो सितम हुये,
उनके सितम तो सारे मरहम हुये,
अपनी ही ज़िद थी जो हम-हम हुये,
बस ख़ैर है.. थोड़े कम हुये!

Funny Shayari, Sitam dhane ki had

Sitam dhane ki had hoti hai,
pas na ane ki roth jane ki hadh hoti hai..
Ek SMS to kar de Zalim,
Paise bachane ki bhi hadh hoti hai.. 😆

सितम ढाने की हद होती है,
पास ना आने की रूठ जाने की हद होती है,
एक SMS तो कर दे जालिम,
पैसे बचाने की भी हद होती है! 😆

Sad Shayari, Her sitam seh kar

हर सितम सह कर कितने ग़म छिपाये हमने,
तेरी खातिर हर दिन आँसू बहाये हमने,
तू छोड़ गया जहाँ हमें राहों में अकेला,
बस तेरे दिए ज़ख्म हर एक से छिपाए हमने|

Har Sitam Seh Kar Kitne Gham Chipaye Humne,
Teri Khatir Har Din Aansu Bahaye Humne,
Tu Chhod Geya Jaha Humein Raahon Mein Akela,
Bas Tere Diye Zakhm Har Ek Se Chipaye Humne!

2 Line Shayari, Kaisa sitam hai aapka ye

दो रास्ते जींदगी के दोस्ती और प्यार,
एक जाम से भरा दुसरा इल्जाम से।


ज़िन्दगी ने मर्ज़ का क्या खूब इलाज सुझाया,
वक्त को दवा बताया ख्वाहिशों से परहेज़ बताया।


थोङा ऐतबार करो मुझ पर दोस्त हूँ मैं,
कोई गैर नही मुहब्बत हुई है गुनाह तो नही।


अब जो रूठोगे तोह हार जाउंगी..
मानाने का हुनर भूल चुकी हु।


चलो उसका नही तो खुदा का एहसान लेते हैं,
वो मिन्नत से ना माना तो मन्नत से मांग लेते हैं।


कैसा सितम है आपका ये की रोने भी नही देता,
करीब आते नहीं और खुद से जुदा होने भी नहीं देता।


टूट जायेगी तुम्हारी ज़िद की आदत उस दिन,
जब पता चलेगा की याद करने वाला अब याद बन गया।


मोहब्बत खो गयी मेरी, बेवफ़ाई के दलदल में,
मगर इन पागल आँखो को, आज भी तेरी तलाश रहती है।


उसे कह दो कि वो किसी और से, मुहब्बत कि ना सोचें,
एक हम ही काफी है, उसे उम्र भर चाहने के लिए।


नज़र चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है प्यार करना,
क्या बताएं इस दिलका आलम, नसीब मैं लिखा है इंतज़ार करना।

Sad Shayari, Wo Raat Dard aur Sitam

Wo Raat Dard Aur Sitam Ki Raat Hogi
Jis Raat Rukhsat UnKi Baraat Hogi,
Uth Jaate Hain Yeh Soch Kar Neend Se
Ki Kisi Gair K Bahon Me Hmari Sari Kaynaat Hogi.

वो रात दर्द और सितम की रात होगी,
जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी,
उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,
कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी।