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Poem, Ek Kavita har rishte ke liye

ये सुन्दर कविता.. हर रिश्ते के लिए
मैं रूठा, तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन!
आज दरार है, कल खाई होगी
फिर भरेगा कौन!
मैं चुप, तुम भी चुप
इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन!
बात छोटी को लगा लोगे दिल से,
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन!
दुखी मैं भी और तुम भी बिछड़कर,
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन!
न मैं राजी, न तुम राजी,
फिर माफ़ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन!
डूब जाएगा यादों में दिल कभी,
तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन!
एक अहम् मेरे, एक तेरे भीतर भी,
इस अहम् को फिर हराएगा कौन!
ज़िंदगी किसको मिली है सदा के लिए
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन!
मूंद ली दोनों में से गर किसी दिन एक ने आँखें..
तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन!!

True Shayari, Tere mere rishte ko

तेरे मेरे रिश्ते को क्या नाम दूँ,
यह नाम दूँ या वह नाम दूँ,
इस दुनिया की भीड़ मैं नाम हो जाते है बदनाम,
क्यों न अपने रिश्ते को बेनाम ही रहने दूँ.

Tere mere rishte ko kya naam dun,
Yeh naam dun ya woh naam dun,
Is duniya ki bhid mai naam ho jate hai badnaam,
Kyun na apne rishte ko benaam hi rehne dun.

2 Line Shayari, Har rishte mein noor

हर रिश्ते मे सिर्फ नूर बरसेगा..
शर्त बस इतनी है कि रिश्ते में शरारतें करो साजिशें नहीं।


मोहब्बत अब समझदार हो गयी है
हैसियत देख कर आगे बढ़ती है।


आराम से कट रही थी तो अच्छी थी जिंदगी
तू कहाँ इन आँखों की बातों में आ गयी।


हीरों की बस्ती में हमने कांच ही कांच बटोरे हैं
कितने लिखे फ़साने फिर भी सारे कागज़ कोरे है।


दिलों में खोट है ज़ुबां से प्यार करते हैं
बहुत से लोग दुनिया में यही व्यापार करते हैं।


सज़ा मिली है इसे, इसकी वफाओं के लिये!
दिल वो मुज़रिम है के, जिस पर कोई इल्ज़ाम नहीं!


मेरे मुन्सिफ को मगर, ये भी तो मंज़ूर न था!
दिल ने इन्साफ ही माँगा था, कुछ ईनाम नहीं!


खुशबु आ रही है कहीं से ताज़े गुलाब की
शायद खिड़की खुली रेह गई होगी उनके मकान की।


तेरी मोहब्बत की तलब थी इस लिए हाथ फैला दिए
वरना हमने तो कभी अपनी ज़िंदगी की दुआ भी नही माँगी।


बेगुनाह कोई नहीं, सबके राज़ होते हैं..
किसी के छुप जाते हैं, किसी के छप जाते हैं..।

Rishte Shayari, Samjhauton ki bheed

समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया,
इतने घुटने टेके हमने आख़िर घुटना टूट गया,
ये मंज़र भी देखे हमने इस दुनिया के मेले में,
टूटा-फूटा बचा रहा है, अच्छा ख़ासा टूट गया।

Hindi Shayari, Rishte wohi nibhayenge

मत शिक्षा दो इन बच्चों को चांद-सितारे छूने की।
चांद- सितारे छूने वाले छूमंतर हो जाएंगे।
अगर दे सको, शिक्षा दो तुम इन्हें चरण छू लेने की,
जो मिट्टी से जुङे रहेंगे, रिश्ते वही निभाएंगे।

Rishte Shayari, Bade Anmol Hai

बड़े अनमोल हे ये खून के रिश्ते
इनको तू बेकार न कर ,
मेरा हिस्सा भी तू ले ले मेरे भाई
घर के आँगन में दीवार ना कर….!!

Bade Anmol Hai Ye Khoon K Rishte,
Inko Tu Bekaar Na Kar,
Mera Hissa Bhi Tu Lele Bhai,
Ghar K Aangan Me Diwaar Na Kar.

Rishte Shayari, Kuchh Rishte Upar wala Banata Hai

Kuchh Rishte Upar wala Banata Hai,
Kuchh Rishte Log Banaate Hain,
Woh Log Bahut Khaas Hote Hain,
Jo Bina Rishte, Rishta Nibhaate Hai.

New Year, Is rishte ko yunhi banaye rakhna

Is rishte ko yunhi banaye rakhna,
Dil mein yaado ke chirag jalaye rakhna,
bahut Pyara safar raha 2014 ka,
apna sath 2015 mein bhi banaye rakhna.

Yeh exam ke rishte bhi ajeeb hote hain, Shayari

Yeh exam ke rishte bhi ajeeb hote hain,
Sab apne apne naseeb hote hain,
Rahte hain jo nigahon se door,
Saale wahi question compulsary hote hain.

Hamare rishtey ko dil se juda na karna, Shayari

Hamare rishtey ko dil se juda na karna,
Zindagi main na kbhi ye gunaah karna,
Kuch pal beet jaye tumse baat kiye bina,
Zindagi na beet jaye ye dua karna.