Hindi Shayari, Nahi janta ke manzil tak

Nahi janta ke manzil tak pahuchenge bhi ye raste ya nahi,
phir bhi in raston mein ab main ummid ki ek mashaal dhundhata hu!

नहीं जानता के मँज़िल तक पहुँचेंगे भी ये रास्ते या नहीं,
फिर भी इन रास्तों में अब मैं उम्मीद की एक मशाल ढूँढता हूँ!

Manzilo se apni dar na jana, Shayari

dosti shayari

Manzilo se apni dar na jana,
raste ki pareshaniyo se tut na jana,
jab bhi jarurat ho Zindgi me kisi apne ki,
hum aapke apne hai ye bhul na jana.. 📚

मंज़िलो से अपनी डर ना जाना,
रास्ते की परेशानियों से टूट ना जाना,
जब भी ज़रूरत हो ज़िंदगी मे किसी अपने की,
हम आपके अपने है ये भूल ना जाना! 📚

Dosti Shayari, Manzil milne se

Manzil Milne Se Dosti Bhulai Nahi Jati,
Hamsafar Milne Se Dosti Mitai Nahi Jati,
Dost Ki Kami Har Pal Raheti Hai,
Duriyo Se Dosti Chhupai Nahi Jati. 🤝👫

मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नहीं जाती,
हमसफ़र मिलने से दोस्ती मिटाई नहीं जाती,
दोस्त की कमी हर पल रहती है यार,
दूरियों से दोस्ती छुपाई नहीं जाती। 🤝👫

❇️ 4more: Humsafar Shayari

2 Line Shayari, Manzile hamare kareeb se

मंज़िले हमारे करीब से गुज़रती गयी जनाब,
और हम औरो को रास्ता दिखाने में ही रह गये।


सारे सितारे फ़लक से ज़मीं पर जब उतर कें आयेंगे,
फिर हम तेरी यादों के साथ रात भर दिवाली मनायेंगे।


रब्ब जाने क्या कशिश है इस मोहब्बत में..
इक अंजान, हमारा हकदार बन बैठा।


कैसी मुहब्बत हैं तेरी महफ़िल मे मिले तो,
अन्जान कह दिया, तनहा ज़ो मिले तो जान कह दिया।


लफ़्ज़ों में बातें बयां कर पाते तो कब का,
कर देते.. मगर बयां करना नही आता हमे।


दिल साफ़ करके मुलाक़ात की आदत डालो,
धूल हटती है तो आईने भी चमक उठते हैं।


मैने इक माला की तरह तुमको अपने आप मे पिरोया हैं,
याद रखना टूटे अगर हम तो बिखर तुम भी जाओगे।


कोई मरहम नहीं चाहिये, जख्म मिटाने के लिये,
तेरी एक झलक ही काफी है मेरे ठीक हो जाने के लिये।


अपने दिल से कह दो किसी और से मोहब्बत की ना सोचे,
एक मैं ही काफी हूँ सारी उम्र तुम्हे चाहने के लिए।


उसे न चाहने की आदत, उसे चाहने का जरिया बन गया,
सख्त था मैं लड़का, अब प्यार का दरिया बन गया।

Funny Shayari, Manzil unhi ko milti hai

Manzil unhi ko milti hai,
jinke hoslo me jaan hoti hai,
aur band bhatti me bhi daaru unhi ko milti hai..
jinki bhatti me pehchaan hoi hai. 🥃 😜

मंजिल उन्हीं को मिलती है,
जिनके हौसलों में जान होती है…
और बंद भट्ठी में भी दारू उन्हीं को मिलती है,
जिनकी भट्ठी में पहचान होती है! 🥃 😜

2 Line Shayari, Manzilon se Gumrah

मंज़िलों से गुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता.


दिल से पूछो तो आज भी तुम मेरे ही हो
ये ओर बात है कि किस्मत दग़ा कर गयी।


कौन कहता है मुसाफिर जख्मी नही होते
रास्ते गवाह हैं कम्बख्त गवाही नही देते।


अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो
तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो ।


इक रात चाँदनी मिरे बिस्तर पे आई थी
मैं ने तराश कर तिरा चेहरा बना दिया ।


न तो देर है, न अंधेर है .. रे मानव!
तेरे कर्मों का सब फेर है .. शुभ रात्रि।


सुख भोर के टिमटिमाते हुए तारे की तरह है
देखते ही देखते ये ख़त्म हो जाता है …!


जब भी अंधेरा गहराता है…
उजाला उसका समाधान बनकर आ जाता है…!


एक ही समानता है…पतंग औऱ जिन्दगी में
ऊँचाई में हो तब तक ही ‘वाह – वाह’ होती है ।


Kuch door tak to jaise koi mere sath tha
Phir… apne sath aap hi chalna paDa mujhe!