Pyar wo hain jisme sachai ho, Shayari

Pyar wo hain jisme sachai ho,
Saathi ki har baat ka ehsaas ho,
Uski har ada par naaz ho,
Dur rehkar bhi pass hone ka ehsaas ho. ❣️

प्यार वो है जिसमे सच्चाई हो,
साथी की हर बात का एहसास हो,
उसकी हर अदा पर नाज़ हो,
दूर रह कर भी पास होने का एहसास हो। ❣️

Hot Shayari, Tere jism pe

Tere jism pe apne jism ko rakhu,
Tere honton ko apne honton se maslu,
Tujhe pyar main itni shiddat se karu,
Ki us mithe dard se teri aah nikal jaye,
Dard se teri aankho se aasu jhalak jaye,
Or tu tan se or mann se sirf meri ho jaye,
Badan se tere lipta rahon or subha ho jaye,
Subha tujse jb main puchu teri raat ka aalam,
Tu sharma kar mere seene se lipat jaye! 👩‍❤️‍💋‍👩

Yaad Shayari, Rishta wo nahi jisme

Rishta wo nahi jisme jeet aur haar ho,
Rishta wo nahi jisme izhaar aur inkaar ho,
Rishta to wo hai Jisme kisi ki..
ummid na ho lekin phir bhi uska intejar ho.

रिश्ता वो नहीं जिसमे जीत और हार हो,
रिश्ता वो नहीं जिसमे इजहार और इंकार हो,
रिश्ता तो वो है जिसमे किसी की..
उम्मीद ना हो लेकिन फिर भी उसका इन्तेजार हो।

2 Line Shayari, Jism uska bhi mitti ka hai

जिस्म उसका भी मिट्टी का है मेरी तरह ए खुदा
फिर क्यू सिर्फ मेरा ही दिल तडफता है उस के लिये।

चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी है तीर की तरह,
मगर ख़ामोश रहेता हूँ अपनी तक़दीर की तरह।

ऊपर वाले ने कितने लोगो की तक़दीर सवारी है,
काश वो एक बार मुझे भी कह दे के आज तेरी बारी है।

चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी है तीर की तरह,
मगर ख़ामोश रहेता हूँ अपनी तक़दीर की तरह।

झूठ बोलते थे कितना, फिर भी सच्चे थे हम
ये उन दिनों की बात है, जब बच्चे थे हम।

ज़ख़्म दे कर ना पूछा करो दर्द की शिद्दत,
दर्द तो दर्द होता हैं थोड़ा क्या, ज्यादा क्या।

तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में,
बस कोई अपना नज़र अंदाज़ करे तो बर्दाश्त नहीं होता।

अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई खूबसूरत सुबह जुड़ी हो, किसी हसीन शाम के साथ।

अपनी ईन नशीली निगाहों को जरा
झुका दीजिए जनाब, मेरे मजहब में नशा हराम है।

आज किसी की दुआ की कमी है, तभी तो हमारी आँखों में नमी है,
कोई तो है जो भूल गया हमें, पर हमारे दिल में उसकी जगह वही है।

Romantic Shayari, Tere jism pe apne jism ko rakhu

~ Jism ~
Tere jism pe apne jism ko rakhu,
Tere honton ko apne honton se maslu,
Tujhe pyar main itni shiddat se karu,
Ki us mithe dard se teri aah nikal jaye,
Dard se teri aankho se aasu jhalak jaye,
Or tu tan se or mann se sirf meri ho jaye,
Badan se tere lipta rahon or subha ho jaye,
Subha tujse jb main puchu teri raat ka aalam,
Tu sharma kar mere seene se lipat jaye!!

Hindi Shayari, Wo Shama Ki Mehfil Hi Kya

Wo Shama Ki Mehfil Hi Kya,
Jisme Parvana Jal Kar Khaak Na Ho,
Maza To Tab Aata Hai
Chahat Ka Jab Dil To Jale Magar Raakh Na Ho.

वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो..
मज़ा तो तब है,
चाहत का जब दिल तो जले पर राख ना हो।