Dard Shayari, Woh to apne dard

Woh To Apne Dard Ro-Ro Ke Sunate Rahe,
Humari Tanhayion Se Ankh Churate Rahe,
Aur Hume Bewafa Ka Naam Mila..
Kyunki, Hum Har Dard Muskura Kar Chipate Rahe. 💔

वो तो अपने दर्द रो-रो के सुनते रहे,
हमारी तन्हाइयों से आँख चुराते रहे,
और हमें बेवफा का नाम मिला..
क्योंकि, हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे! 💔

Bewafa Shayari, Ek din jab hua pyar

Ek din jab hua pyar ka ahasaas unhe,
Wo saara din aakar hamare paas rote rahe,
Aur ham bhi itane khud garz nikale yaaron ki,
Aankhe band kar ke kafan mein sote rahe.

एक दिन जब हुआ प्यार का अहसास उन्हें,
वो सारा दिन आकर हमारे पास रोते रहे,
और हम भी इतने खुद गर्ज़ निकले यारों कि,
आँखे बंद कर के कफ़न में सोते रहे।

2 Line Shayari, Mohabbat use bhi bahut hai

मोहब्बत उसे भी बहुत है मुझसे
जिंदगी.. सारी इस वहम ने ले ली।


मरहम की ज़रूरत नहीं है मुझको,
जख्म देखकर कम से कम हाल तो पूछ लिया करो।


मैंने दरवाज़े पे ताला भी लगा कर देखा है,
ग़म फिर भी समझ जाते है की मैं घर में हूँ।


तेरी याद क्यों आती है, ये मालूम नहीं,
लेकिन जब भी आती है बहुत अच्छा लगता है।


उम्र तक कट गयी लोगों को मनाते हुए,
अब इरादा सबसे रूठ जाने का है।


चुन चुन के दे रहे है दर्द यूँ दुनिया वाले,
गिन गिनके जैसे ली हो ख़ुशी हर किसीसे हमने।


जब जब आपके ख़ास लोग दूर होने लगे,
समझ लेना की उनकी जरूरतें पूरी हो चुकी है।


ना जाने कौन सा नमक है इन आँखों के पानी में,
बरसती तो चेहरे से है और जलन दिल में होती है।


वो दर्द ही क्या जो जबान से अदा हो,
दर्द तो वो होता है जो जबान को खुलने ही ना दे।


मैंने दो तरह के लोगों से धोखा खाया है,
एक जो मेरे अपने थे और दुसरे वो जो मेरे बहुत अपने थे।

2 Line Shayari, Aitbaar aur Pyar

ऐतबार और प्यार दो ऐसे परिंदे है,
एक उड़ जाए तो दूसरा भी उड़ ही जाता है।


अकड़ तोड़नी है उन मंजिलों की,
जिनको अपनी ऊंचाई पर गरूर है।


कैसे मुमकिन है कि भूल जाऊँ तुम्हें,
किस्सा नहीं मेरी जिंदगी का हिस्सा हो तुम।


तुम जिस रिश्ते से आना चाहते हो आ जाना,
हमारे चारो तरफ मोहब्बत ही मोहब्बत है।


मोहब्बत ढूंढने वालो को नहीं मिलती,
मोहब्बत बाँटने वालो को मिला करती है।


तेरा हाथ लूँ हाथ में और फिर ऐसा हो,
की तेरे गम खुद ब खुद मुझमें उतर जाये।


वो हिचकिया एक अजीब सुकून दे जाती है
जो तेरा नाम लेने से रुक जाती है।


कुछ तो अलग है शख्सियत उसकी वरना,
इतनी भीड़ में एक वही अपना-सा क्यों लगा


हमने छोड़ दी हैं फनकरिया साहिब वरना,
तुझ जैसे हसीन तो हम कलम से बना लेते थे।


ये शायरी की महफिलें बेवफाओ की वजह से है,
अगर दुनिया में बेवफा न होते तो हम भी शायर न होते।

2 Line Shayari, Mere saare sawal

मेरे सारे सवाल होंठों पर ही रह जाते है,
और तुम सारे ज़वाब आँखों से दे जाते हो।


न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नही सकते, उसी के हो रहे हैं हम।


होंठो के बीच ना रखा करो तुम कलम को,
गजल नशीली होकर लडखडाती हुई निकलती है।


वसीयत लिखनी है अपनी मोहब्बत की मुझे,
बस आखरी साँस भी सनम के नाम करनी है।


वफादारी का असली मतलब उन लोगों से पूछो,
जो किसीको सालों से एकतरफा प्यार करते है।


उम्र हुई पर अब तक ना समझे तुम,
मोहब्बत और दर्द नाम अलग है पर बात एक ही है।


तुम वो तारा हो मेरे लिए जिसके,
टूटते ही मेरा सारा आसमान बिखर जाता है।


मेरी आँखों में यही हद से ज्यादा बेशुमार है,
तेरा ही इश्क़, तेरा ही दर्द, तेरा ही इंतज़ार है।


सुलग़ती ज़िन्दगी से मौत आ जाए तो बेहतर हैं,
हम से दिल के अरमानों का अब मातम नही होता।


चाहे दुनिया वाले कितना भी नजरअंदाज कर ले,
पर मोहब्बत नजरअंदाज करें तो जान निकल जाती है।

2 Line Shayari, Kabhi aakar to dekh

कभी आकर तो देख मेरे इस दिल की वीरानियाँ,
कितना हसीन घर था जो तेरे हाँथों उजड़ गया।


मुझे तेरा साथ.. जिंदगीभर नहीं चाहिये,
बल्कि जब तक तु साथ है.. तब तक जिंदगी चाहिये।


तुझे याद रखने के शौक में, मैंने खुद को भुला दिया,
मेरा नाम पूछा किसी ने जब, तेरा नाम मैंने बता दिया।


मोहब्बत अल्फाज़ो की मोहताज नहीं है मेरे दोस्त,
ये खुदा का नूर है जो किसी किसी पर बरसता है।


मोहब्बत की कश्ती में जरा सोच समझकर चढ़ना यारों,
जब चलती है तो किनारा और डुबती है तो सहारा नहीं मिलता।


किस्सा नहीं बनना है मुझे तेरी मोहब्बत का,
सच्ची मोहब्बत है तो मुझे हिस्सा बना अपनी जिन्दगी का।


छोडो अब ये मुहोब्बत की बातें..
मिलावट की दुनियां में प्यार भी कुछ मिलावटी सा हैं।


आज तो झगडा होगा तुझसे ए खुदा,
मुश्किलें बढा दी तो सब्र भी बढा देता।


दर्द आँखों से निकला तो सबने बोला कायर है ये,
जब दर्द लफ़्ज़ों से निकला तो सब बोले शायर है ये।


न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नही सकते, उसी के हो रहे हैं हम।

2 Line Shayari, Ek dana mohabbat ka

एक दाना मोहब्बत का क्या बोया मैंने,
सारी फसल ही दर्द की काटनी पड़ी मुझे।


परदा तो होश वालों से किया जाता है हुज़ूर,
तुम बे-नक़ाब चले आओ हम तो नशे में हैं।


अंजान अगर हो तो गुज़र क्यूँ नहीं जाते,
पहचान रहे हो तो ठहर क्यूँ नहीं जाते।


मैं मर जाऊं तो रोना मत.. बस ज़रा सा,
मुस्कुरा दोगे तो मुझे सुकून मिल जाएगा।


एहसास ना रहे तो रिश्तों को तोड़ देना बेहतर है,
ताल्लुक़ जब तकल्लुफ़ बन जाए तो बोझ सा लगता है।


एक पहर भी नहीं गुज़रा तुझसे रुखसत होकर,
और यूँ लग रहा है कि जैसे सदियां गुज़र गई।


वो शख्स मेरे हर किस्से कहानी में आया,
जो मेरा हिस्सा होकर भी मेरे हिस्से ना आया।


मुझे कुछ भी नहीं कहना फ़क़त इतनी गुज़ारिश है,
बस उतनी बार मिल जाओ के जितना याद आते हो।


नजर अंदाज ही करना चाहते हो तो हट जाते है नजर से,
एक दिन इन्हीं नज़रों से ढूंढोगे जब हम नजर नहीं आयेंगे।


गम की उलझी हुई लकीरों में अपनी तक़दीर देख लेता हूँ,
आईना देखना तो दूर रहा बस तेरी तस्वीर देख लेता हूँ।

2 Line Shayari, Unse mohabbat aur

उससे मोहब्बत और भी बढ़ गयी,
जबसे पता चला है कि हमारा साथ हमेशा नहीं रहेगा।


इबादतखानो में क्या ढूंढते हो मुझे,
मैं वहाँ भी हूँ, जहाँ तुम गुनाह करते हो।


ये कभी मत कहना की वक्त मेरी मुठ्ठी में कैद है,
मैंने बरसों की मोहब्बत को पल में टूटते देखा है।


कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है,
सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है।


अगर रातों को जागने से होती ग़मों में कमी,
तो मेरे दामन में खुशियों के सिवा कुछ नहीं होता।


अंदर.. कोई झांके तो टुकड़ो में मिलेंगे,
यह हंसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है।


मेरी तक़दीर संवर जाती उजालों की तरह,
आप मुझे चाहते अगर चाहने वालों की तरह।


साँसे तो हम.. बस दिखाने के लिए लेते हैं,
वरना ज़िन्दगी तो.. हमारी तुम ही हो।


मैं याद तो हूँ उसे पर ज़रूरत के हिसाब से,
लगता है मेरी हैसियत भी कुछ नमक जैसी है।


तोड़ेंगे गुरुर इश्क का और इस कदर सुधर जायेंगे,
खडी रहेगी मोहब्बत रास्ते पर हम सामने से गुजर जायेंगे।

2 Line SHayari, Dye chand aaj jara

ऐ चांद आज जरा सोच समझ कर निकलना,
यार मेरे चांद को भूखा रहने की आदत नहीं है।


सुन्दरता का मुक़ाबला, अपने पूरे शबाब पर होगा,
आज एक चाँद दूसरे चाँद के इंतज़ार में होगा।


घुटन सी होने लगी है, इश्क़ जताते हुए,
मैं खुद से रूठ गया हूँ, तुम्हे मनाते हुए।


तुम समझते हो कि जीने की तलब है मुझको,
मैं तो इस आस में ज़िंदा हूँ कि मरना कब है।


अकेले आये थे और अकेले ही जाना है,
फिर साला अकेला रहा क्यूँ नहीं जाता।


अब तो गरमी के नखरे भी कम हो गए,
पता नहीं तुम्हारे नखरे कब कम होंगे।


जमाने को बोल देता हूँ की मैं भूल गया हूँ उसे,
पर हकीकत तो बस मुझे और मेरे दिल को पता है।


जख्म गरीब का कभी सूख नहीं पाया,
शहजादी की खरोंच पे तमाम हकीम आ गये।


थोड़ी खुद्दारी भी लाज़मी थी दोस्तों,
उसने हाथ छुड़ाया तो हमने छोड़ दिया।


बड़ा मुश्किल है.. जज़्बातो को पन्नो पर उतारना,
हर दर्द महसूस करना पड़ता है लिखने से पहले।

2 Line Shayari, Koi nahi yaad karta

कोई नहीं याद करता वफ़ा करने वालो को,
मेरी मानों बेवफा हो जाओ जमाना याद रखेगा।


घमण्ड से भी अक्सर खत्म हो जाते हैं,
कुछ रिश्ते.. कसूर हर बार गलतियों का नहीं होता।


गुलशन तो तू है मेरा बहारों का मैं क्या करूँ,
नैनों मैं बस गए हो तुम नज़ारों का मैं क्या करूँ।


तुझे तो प्यार भी तेरी ओकात से ज्यादा किया था,
अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही।


मेरे दर्द का जरा सा हिस्सा लेकर तो देखो,
सदियों तक याद करते रहोगे तुम भी जनाब।


दर्द गूंज रहा है मेरे दिल में शहनाई की तरह,
शायद मेरे जिस्म की मेरी मौत से सगाई हो रही है।


कुछ लोग तो इसलिये अपने बने है अभी,
की मेरी बरबादियाँ हो तो दीदार करीब से हो।


चाहने वाले तो मिलते ही रहेंगे तुझे सारी उम्र बस तू,
कभी जिसे भूल न पाए वो चाहत यक़ीनन हमारी होगी।


वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त,
मजा तो तब है.. जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले।


हम समझदार भी इतने है की उनका झूठ पकड़ लेते है,
पर उनके दीवाने भी इतने है की फिर भी सच मान लेते है।